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Pithoragarh News: पश्चिम एशिया युद्ध से डामर महंगा, सीमांत की सड़कों तक असर

Sun, 22 Mar 2026 11:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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पिथौरागढ़। पश्चिम एशिया युद्ध का असर ईंधन तक सीमित नहीं रहा। अब डामर महंगा होने से सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का काम भी थम गया है। सिर्फ पिथौरागढ़ जिले में ही पांच करोड़ के टेंडर से ठेकेदारों ने हाथ पीछे खींच लिए हैं।
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लोक निर्माण विभाबग के पिथौरागढ़ डिविजन में बड़ी आबादी को जोड़ने वाली 14 सड़कों पर डामरीकरण और पैंच वर्क के लिए धनराशि मिली है। पांच करोड़ रुपये से इन सड़कों की हालत सुधारकर इन्हें आवाजाही के लिए सुरक्षित और खतरा मुक्त बनाने की योजना है। 120 से अधिक गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही सुगम बनाने के लिए लोनिवि ने इन पर डामरीकरण और पैंच वर्क के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए। चिंता की बात यह है कि ठेकेदार काम करने के लिए आगे नहीं आए। पहले ऐसे टेंडर हासिल करने के लिए मारामारी रहती थी।
ठेकेदारों की ना के पीछे पश्चिम एशिया युद्ध के चलते डामर की कीमतों में उछाल है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार युद्ध से पूर्व एक ड्रम डामर की कीमत करीब 10 हजार रुपये थी जो अब बढ़कर 14 हजार रुपये पहुंच गई है। पुरानी दरों पर टेंडर प्रक्रिया होने और उसके बाद डामर की कीमत में उछाल के चलते ठेकेदारों को नुकसान की आशंका है। ऐसे में काम करने वाले न मिलने से सड़कों के सुधारीकरण के काम को अंजाम तक पहुंचाना जिम्मेदार विभागों के लिए मुश्किल हो गया है। लोनिवि के अन्य डिविजन और अन्य कार्यदायी संस्थाओं में भी यही हाल है। संवाद
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पीएमजीएसवाई में भी काम की रफ्तार धीमी
जिले में पीएमजीएसवाई की 15 से अधिक सड़कों पर डामरीकरण का काम चल रहा है। पुरानी दरों पर ठेकेदारों ने टेंडर हासिल किए हैं। इसी बीच युद्ध के चलते डामर महंगा हुआ तो ठेकेदारों ने इसे मंगाना छोड़ दिया है या कम कर दिया है। ऐसे में इन सड़कों पर भी काम की रफ्तार धीमी हो गई है इससे कार्यदायी संस्था की चिंता भी बढ़ गई है।

इन सड़कों पर होना है डामरीकरण
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे झूलाघाट कस्बे और क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों को जोड़ने वाली बदहाल झूलाघाट सड़क के 6.65 किलोमीटर दायरे में हॉटमिक्स होना है। वहीं ऐंचोली-मेलडुंगरी सड़क पर पांच, वड्डा-क्वीतड़-पंचेश्वर सड़क पर तीन, नैनीपातल-कठपतिया-दौबांस सड़क पर पांच, देवलथल-उड़ई सड़क पर तीन, रिण बिछुल-सुगौली सड़क पर दो किलोमीटर दायरे में हॉटमिक्स कर इन पर आवाजाही सुगम बनाई जानी है। इन बदहाल सड़कों पर हर रोज 70 से अधिक गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। इन सड़कों पर हॉटमिक्स कर इन पर सुरक्षित सफर बनाने के लिए 4.07 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं।

इन सड़कों पर भरे जाने हैं गड्ढे
गड्ढों से पटी आठ सड़कों पर पैंच वर्क होना है। झूलाघाट, देवलथल-कनालीछीना, वड्डा-क्वीतड़-पंचेश्वर, मर्सोलीभाट-खतेड़ा, मोस्टमानू-ढुंगा, चंडाक-पुनेड़ी-तड़ीगांव, चंडाक-आंवलाघाट सड़क पर पैंच वर्क कर इन्हें गड्ढा मुक्त बनाने के लिए 1.18 करोड़ रुपये मिले हैं।

इन सड़कों पर होगा हॉटमिक्स
सड़क लागत (लाख रुपये)

पिथौरागढ़-झूलाघाट 108
ऐंचोली-मेलडुंगरी 87

वड्डा-पंचेश्वर 63
नैनीपातल-दोबांस 71

देवलथल-उड़ई 47
रिण बिछुल-सुगौली 31

इन सड़कों पर होगा पैच वर्क
सड़क लागत (लाख रुपये)
पिथौरागढ़-झूलाघाट 20

देवलथल-कनालीछीना 20
वड्डा-पंचेश्वर 23

मर्सोलीभाट-खतेड़ा 08
मोस्टमानू-ढुंगा 06

चंडाक-तड़ीगांव 07
चंडाक-आंवलाघाट 25

नगर की आंतरिक सड़कें 25


कोट
- पश्चिम एशिया के युद्ध का पूरे विश्व पर असर पड़ा है। इन सड़कों पर डामरीकरण के लिए टेंडर किए थे लेकिन पर्याप्त ठेकेदार नहीं आने से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। - दिनेश मोहन गुप्ता, ईई, लोनिवि, पिथौरागढ़

- डामर महंगा होने से काम प्रभावित हो रहे हैं। ठेकेदारों ने नुकसान की आशंका को देखते हुए काम की रफ्तार धीमी की है। निश्चित तौर पर पश्चिम एशिया युद्ध का असर सड़कों के कार्यों पर नजर आ रहा है। - विवेक प्रताप सिंह, ईई, पीएमजीएसवाई, पिथौरागढ़
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