कंप्यूटर प्रोग्रामिंग की जानकारी देते विशेषज्ञ
- फोटो : अमर उजाला
सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में डेनमार्क के अल्बर्ग विश्वविद्यालय की ज्ञानसिटी रिसर्च लैब, देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के सहयोग से कंप्यूटर एवं अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों के बेसिक हार्डवेयर प्रोग्रामिंग विषय पर शनिवार से कार्यशाला शुरू हो गई है। विशेषज्ञों ने चिप लेबल प्रोग्रामिंग के माध्यम से सीओ-2 (कार्बन) को कम करने के तरीके बताए। कहा कि कंप्यूटर एवं अन्य इलेक्ट्रानिक्स उपकरण अपने साथ कार्बन का उत्सर्जन करते रहते हैं। यह मानव शरीर के लिए घातक हो सकता है।
कार्यशाला में बीटेक कंप्यूटर विज्ञान और बीटेक इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के डा. चंद्रशेखर पटेल और डा. सन्नी सिंह ने प्रोग्रामिंग की बारीकियों के बारे में बताया। कहा कि आज के दौर में कंप्यूटर और इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों का उपयोग बहुत बढ़ गया है। इसी के साथ कुछ आवश्यक सावधानियां भी बरतनी होंगी।
सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक प्रो. वीके सिंह ने ग्रीन कंप्यूटिंग के महत्व की जानकारी दी। कार्यशाला को संपन्न कराने में कंप्यूटर विज्ञान के विभागाध्यक्ष डा. जयदीप किशोर, इलेक्ट्रानिक्स विभाग के प्राध्यापक डा. सुमित जोशी और पुनीत चंद्र वर्मा सहयोग दे रहे हैं। कार्यशाला का समापन रविवार को होगा।