पिथौरागढ़। लगातार हो रही बारिश के बाद भी नगर में जलसंकट बना हुआ है। आधे नगर में जलापूर्ति ठप रहने से 30,000 से अधिक की आबादी परेशान है। लोगों को जल स्रोतों की दौड़ लगानी पड़ी। वहीं वैवाहिक कार्यक्रम सहित अन्य आयोजनों को संपन्न कराने के लिए टैंकरों के भरोसे रहना पड़ रहा है।
सीमांत जिले में रोज बारिश होने के बाद भी नगर में पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है। बुधवार को नयाबाजार, पितरौटा, गांधीनगर, सिमलगैर, टकाना, खड़कोट, जीआईसी रोड, विवेकानंद वार्ड, सेरा सहित आधे नगर में जलापूर्ति ठप रही। ऐसे में लोग सुबह से ही पानी का इंतजार करते लेकिन उन्हें निराश होना पड़ा।
टैंक सूखे रहे और नल से जल नहीं टपका तो लोगों को प्राकृतिक जल स्रोतों की दौड़ लगाकर अपनी प्यास बुझानी पड़ी। वहीं कई लोगों ने बाजार से बोतल बंद पानी खरीदकर काम चलाया। लोगों का कहना है कि नगर के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर कई पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया है। बारिश के बाद भी इन योजनाओं से पानी न मिलना गंभीर है।
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शादी समारोह के लिए भी पानी मिलना हुआ मुश्किल
इन दिनों विवाह और उपनयन संस्कारों की धूम मची है। इन कार्यक्रमों के लिए पानी जुटाना किसी चुनौती से कम नहीं है। गांधीनगर निवासी कैलाश सार्की ने बताया कि बेटी के शादी में पानी नहीं मिलने से दिक्कत हुई। किसी तरह टैंकर की व्यवस्था कर पानी मंगाया तब जाकर वैवाहिक कार्यक्रम संपन्न हुआ।
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ल्युंठूड़ा में सात दिन से जल बिन सब सून
ल्युंठूड़ा के पार्षद राहुल लुंठी, राम सिंह लुंठी, विजेंद्र लुंठी, राजेश लुंठी आदि ने कहा कि क्षेत्र में बीते एक सप्ताह से जलापूर्ति ठप है। मुख्य टैंक से नियमित जलापूर्ति न होने पर लाइन में हवा भर गई है। आए दिन इस तरह की दिक्कत सामने आ रही है। क्षेत्र के लोग किसी तरह पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। उन्होंने जल्द जलापूर्ति सुचारू न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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आंवलाघाट, घाट पेयजल योजना की एसआईटी जांच की मांग
नगर के डॉ. नीरज चंद्र जोशी ने एडीएम योगेंद्र सिंह को ज्ञापन देते हुए कहा कि एक अरब रुपये खर्च कर बनीं पेयजल योजनाओं से पर्याप्त पानी न मिलना चिंताजनक है। उन्होंने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करते हुए नगर के लिए बनी आंवलाघाट और घाट पेयजल योजनाओं की एसआईटी जांच की मांग की है। कहा कि ये योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं इसकी मार नगर के लोग सह रहे हैं।
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कोट - आंवलाघाट पंपिंग योजनाओं से मुख्य टैंकों तक जलापूर्ति न होने से दिक्कत आई है। उम्मीद है जल्द जलापूर्ति सुचारू होगी। - संतोष कुमार, जेई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।
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कोट -
लोनिवि, नगर निगम, बजेटी जोन में पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। तीनों जगहों पर पिकअप, टैंकरों से पानी बांटा गया। जल्द जलापूर्ति सुचारू होगी। - सुरेश जोशी, ईई, जल संस्थान, पिथौरागढ़।
बिजली गिरने से अस्कोट में 16 घंटे गुल रही बिजली
- ट्रांसफार्मर फुंकने से मोबाइल बने शोपीस, मोमबत्ती के सहारे रहे लोग
अस्कोट (पिथौरागढ़)। मौसम की मार अस्कोट के लोगों को सहनी पड़ी। बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर फुंक गया। इससे बाजार सहित आसपास के क्षेत्र में बिजली गुल हो गई। लोगों को मोमबत्ती के सहारे रात में घरेलू कार्य करने पड़े।
अस्कोट में बीते मंगलवार शाम सात बजे बिजली गिरने से ट्रांसफार्मर फुंक गया था। बिजली नहीं होने से लोग मोबाइल भी चार्ज नहीं कर सके और ये शोपीस बने रहे। दूसरे दिन बुधवार को यूपीसीएल की टीम मौके पर पहुंची और अन्य ट्रांसफार्मर से लाइन जोड़कर बिजली की व्यवस्था की गई।
16 घंटे बाद बिजली आपूर्ति सुचारू होने से लोगों को राहत मिली। यूपीसीएल के सब स्टेशन प्रभारी पंकज कुंवर ने बताया कि ट्रांसफार्मर फुंकने से दिक्कत आई है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई है। जल्द ही नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर दिया जाएगा। संवाद
पिथौरागढ़ नगर में जलापूर्ति सुचारू करने की मांग पर एडीएम योगेंद्र सिंह को ज्ञापन देते डॉ. नीरज