गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। शालीखेत पंपिंग योजना का पाइप लीकेज होने से पांच गांवों के ग्रामीणों की दिक्कत बढ़ गई है। 2000 की आबादी को अपनी प्यास बुझाने के लिए सड़क खोदने की अनुमति का इंतजार है। विभागीय अधिकारी सड़क खोदने की अनुमति न मिलने का हवाला देकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
दरअसल गंगोलीहाट विकासखंड के कफलाड़ी, दशाईथल, मल्ला गर्खा, गुप्तड़ी और सुनाड़ की दो हजार की आबादी की प्यास बुझाने वाली शालीखेत पंपिंग योजना का पाइप लंबे समय से लीकेज है। लीकेज लाइन से पानी जंगल में बर्बाद हो रहा है और इन गांवों में जलापूर्ति ठप है।
एक सप्ताह से ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं और लीकेज लाइन को ठीक करने में जल संस्थान के पसीने छूट रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक योजना की लाइन एनएच के नीचे दबी है। ऐसे में लीकेज लाइन को ठीक करने के लिए एनएच को खोदना होगा।
एनएच खोदने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को अनुमति का इंतजार है तो ग्रामीणों को पानी का। अधिकारी सड़क खोदने की अनुमति के लिए पत्र भेजने की बात कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं जलापूर्ति ठप होने से ग्रामीण प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं।
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कोट -
अधिशासी अभियंता को सड़क खोदने की अनुमति लेने के लिए पत्र भेजा है। अनुमति मिलेगी तो सड़क खोदकर लीकेज लाइन को ठीक किया जा सकता है। उम्मीद है जल्द अनुमति मिलेगी और जलापूर्ति सुचारू होगी। - रूपेश कुमार आर्या, जेई, जल संस्थान, गंगोलीहाट।