बंगापानी (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में इस बार मौसम की बेरुखी यहां के लोगों पर भारी पड़ने लगी है। जाड़ों में पर्याप्त बर्फबारी और बारिश न होने से प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगे हैं और गर्मी से पहले ही पानी का संकट गहराने लगा है।
तहसील क्षेत्र के सिरतोला में जल जीवन मिशन के तहत योजना बनने के बाद भी स्रोत में जलस्तर बेहद कम होने से 80 परिवार पानी के लिए तरस रहे हैं।गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले की सिरतोला की 500 की आबादी की चिंता बढ़ गई है। जल जीवन मिशन के तहत बनी पेयजल योजना मूल स्रोत में पानी कम होने से बंद होने के कगार पर है।
प्राकृतिक जल स्रोत सूखने लगा है और ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। नलों में पर्याप्त पानी न होने से ग्रामीण गधेरों और कई किलोमीटर दूर प्राकृतिक जल स्रोतों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फरवरी में पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। ऐसे में गर्मी के मौसम में तो हालात काफी खराब होने का डर है। मवेशियों की व्यास कैसे बुझेगी यह चिंता अभी से सताने लगी है।
बिल तो बराबर आ रहा है लेकिन पानी नहीं
सिरतोला के ग्रामीणों का कहना है कि नलों में पानी नहीं टपक रहा है। वे लंबे समय से प्राकृतिक जल स्रोतों से पानी ढोकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं। इससे उलट जल संस्थान पर्याप्त जलापूर्ति नहीं करने के बाद भी बराबर बिल भेज रहा है।
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कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों के साथ लाइन का सर्वे किया गया। मूल स्रोत में पानी बहुत कम हो गया है। यहां से पूरा पानी गांव तक पहुंचे इसके प्रयास किए जा रहे हैं। - विकास पांडे, जेई, जल संस्थान, बंगापानी
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जल जीवन मिशन के तहत गांव के लिए पेयजल योजना तो बनाई गई। मूल स्रोत में पानी कम होने से दिक्कत बढ़ गई है। अन्य स्रोत तलाशकर इस समस्या को दूर किया जाना चाहिए। - कंचन गोस्वामी, ग्राम प्रधान, सिरतोला