लुंठ्यूड़ा में पानी न आने के विरोध में खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन करती महिलाएं।
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नगर में पेयजल समस्या लगातार बढ़ती रही है। पानी की आपूर्ति न होने से नगर में करीब 35 हजार की आबादी को एक बार फिर पानी के लिए तरसना पड़ा। आपूर्ति न होने से गुस्सायी लिंठ्यूडा की महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सोमवार को नगर के लिंठ्यूडा, खड़कोट, घंटाकरण, जगदंबा कालोनी, पांडे गांव, सिमलगैर समेत कई क्षेत्रों में पानी नहीं आया। पानी न मिलने से क्षेत्रवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों को नौलों, धारों और हैंडपंप से पानी लाना पड़ा। इससे क्षेत्रवासियों की दिनचर्या प्रभावित हुई। पानी न मिलने से 35 हजार से अधिक लोग परेशान रहे। हालांकि जल संस्थान ने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भी भेजे। लेकिन इससे लोगों को कोई खास राहत नहीं मिल पाई।
पेयजल समस्या से परेशान लिंठ्यूडा में महिलाओं ने खाली बर्तनों के साथ प्रदर्शन किया। इस मौके पर सीमांत यूथ मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश जोशी ने कहा कि नगरवासियों को जरूरत भर पानी नहीं मिल रहा है। पानी के इंतजाम के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शन करने वालों में अनीता साही, रतना चंद, ज्योति चौहान, अंजलि चंद, हिमानी बिष्ट, जानकी बिष्ट आदि शामिल थे। इस मामले में जल संस्थान के ईई विशाल कुुमार का कहना है कि रोटेशन और बिजली आपूर्ति में व्यवधान से कुछ क्षेत्रों में पानी नहीं आया। टैंकरों के जरिये वैकल्पिक आपूर्ति की गई। उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
मांग का आधा भी नहीं मिल रहा पानी
पिथौरागढ़। नगरवासियों को जरूरत से आधा पानी भी नहीं मिल पा रहा है। शहर में रोजाना 12 एमएलडी पानी की दरकार है। जबकि जल संस्थान रई, ठुलीगाड़ और घाट पंपिंग योजना के जरिये बमुश्किल छह एमएलडी पानी की आपूर्ति हो पा रही है। पानी की कमी के चलते जल संस्थान कुछ क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर आपूर्ति कर रहा है। कई क्षेत्रों में दूसरे-तीसरे दिन पानी आने से लोगों की मुश्किलें और बढ़ती जा रही है।