पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते जल संस्थान के कर्मचारी और अधिकारी
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एफआईआर से नाराज जल संस्थान कर्मियों ने हड़ताल के बीच महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। रविवार साप्ताहिक अवकाश के बीच जिले भर के कर्मी यहां एकजुट हुए और एफआईआर के खिलाफ विरोध जताया। इस मौके पर कर्मियों ने अधिवक्ता की एफआईआर को झूठा बताया और बेजा उत्पीड़न की तोहमत मढ़ी।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी बिना सोचे-समझे और प्रारंभिक जांच के बिना मुकदमा दर्ज करने पर सवाल उठाए। कहा कि विभाग ने पानी की समस्या को दूर करने के लिए टुल्लू पंप के खिलाफ अभियान चलाया था। नियमानुसार टुल्लू पंप का इस्तेमाल करने वालों पर कार्रवाई की। लेकिन एक उपभोक्ता ने अपने प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर उल्टा कर्मियों पर ही संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया। इस बीच आंदोलित कर्मियों को समझाने-बुझाने के लिए एसपी और एसडीएम धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और जल संस्थान के कर्मियों के बीच वार्ता हुई।
प्रशासन की काफी मान-मनुहार और जनता की दिक्कत को देखते हुए आखिरकार पेयजल कर्मियों ने दोपहर तीन बजे के बाद हड़ताल टाल दी। उन्होंने आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज करने के साथ ही कर्मियों पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग की। ईई विशाल कुमार ने बताया कि जनता की दिक्कत और प्रशासन के भरोसे के बाद हड़ताल स्थगित हो गई है। पेयजल कर्मियों ने न्यायोचित कार्रवाई न होने पर दोबारा हड़ताल की चेतावनी भी दी है। इधर, ईई विशाल कुमार ने बताया कि टूल डाउन वापस लेने के बाद शाम की पाली में आपूर्ति बहाल हो गई है।
अधिवक्ता के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
हड़ताल के बाद बने दबाव के बीच पुलिस ने आरोपी हाईकोर्ट की अधिवक्ता नेहा बोरा के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पिथौरागढ़ जल संस्थान के ईई विशाल कुमार की ओर से आरोपी अधिवक्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। जाजरदेवल थाना प्रभारी दीपक बिष्ट ने बताया कि अधिवक्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504, 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने क्रास रिपोर्ट की जांच शुरू कर दी है।