नगर की लड़खड़ाती पेयजल व्यवस्था से आक्रोशित भाजपाइयों ने शुक्रवार को जल संस्थान के दफ्तर में ताले ठोक दिए। कहा कि जब जल संस्थान पेयजल व्यवस्था सुचारु नहीं कर पा रहा है तो इस आफिस को खोले रखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि घाट पंपिंग योजना की मरम्मत के नाम पर हर साल करोड़ों रुपये डकारने वाले अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की जाएगी। आरटीआई के माध्यम से कुछ कार्यकर्ताओं ने अब तक मरम्मत के नाम पर खर्च हुई धनराशि का ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है। घाट पंपिंग पेयजल योजना की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन विभाग अब भी इसकी मरम्मत का प्रस्ताव बनाता जा रहा है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष केदार जोशी के नेतृत्व में जल संस्थान दफ्तर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि नगर की पेयजल सप्लाई एक सप्ताह से चरमराई है। संकट की स्थिति के बारे में सरकार को जवाब देना होगा। भाजपा का यह भी आरोप है कि टैंकरों से पानी बांटने में भी बड़ा गोलमाल किया जा रहा है। इसकी भी जांच होनी चाहिए। भाजपा के उग्र तेवरों को देखकर जल संस्थान के अधिकारी दफ्तर से निकल गए। प्रदर्शन में भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र वल्दिया, महामंत्री गोपू महर, गिरीश जोशी, गुरुदयाल खत्री, राम सिंह, कवींद्र बिष्ट, ललित जोशी, भुवन जोशी, महेंद्र देउपा, अभिषेक मिश्रा, जितेंद्र नगरकोटी आदि थे।
बृहस्पतिवार को बिजली नहीं, शुक्रवार को पंप नहीं चला
जल संस्थान ने बृहस्पतिवार को पेयजल सप्लाई न होने का कारण बिजली सप्लाई ठप होना बताया था, लेकिन शुक्रवार को नया बहाना ढूंढकर कह दिया कि घाट पंपिंग योजना के पंप नहीं चले। जल संस्थान के अधिशासी अभियंता आरके वर्मा ने स्वीकार किया कि पेयजल सप्लाई में दिक्कत आई है। कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित है। इसे सुधारने के क्या उपाय होंगे, इसका उनके पास जवाब नहीं है।
डीएम ने बिजली और जल संस्थान के अधिकारी बुलाए
जिलाधिकारी एचसी सेमवाल ने जल संस्थान और बिजली विभाग के अधिकारियों को बुलाकर संकट से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों से कहा कि पेयजल की सप्लाई सामान्य बनाने के लिए उपाय करें। उन्होंने समय से पहले पेयजल संकट गहराने पर नाराजगी जताई।
तो क्या घाट योजना से नहीं आता पानी
जिस घाट पंपिंग पेयजल योजना को सफेद हाथी नाम लोगों ने दे दिया है उसकी हकीकत यह है कि उससे पानी लिफ्ट ही नहीं होता। घाट पंपिंग योजना सरयू नदी से बनी है। सरयू में हमेशा पर्याप्त पानी रहता है। यदि वास्तव में घाट से पानी लिफ्ट होता तो यह संकट पैदा नहीं होता। कई लोगों ने घाट पंपिंग योजना का निरीक्षण करने के बाद बताया कि वहां से पानी लिफ्ट नहीं होता। जल संस्थान लोगों को अंधेरे में रख रहा है।