पिथौरागढ़/गंगोलीहाट/डीडीहाट। गर्मी बढ़ने के साथ ही सीमांत के ग्रामीण क्षेत्रों में पानी का संकट गहराने लगा है। गंगोलीहाट, मूनाकोट, डीडीहाट और पिथौरागढ़ नगर से लगे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लोग ज्यादा परेशान हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से व्यवस्था में सुधार करने की मांग की है।
गंगोलीहाट में गर्मियां शुरू होते ही बेलपट्टी के कई गांवों में पीने के लिए पानी की व्यवस्था करना कठिन होने लगा है। सड़क किनारे बसे गांवों में जल संस्थान टैंकर से तीसरे दिन राहत के तौर पर प्रत्येक परिवार को 200 से 300 लीटर पानी दे रहा है।
इन गांवों में से अधिकतर के पास संयोजन नहीं है। जिन गांवों के पास पेयजल योजना है वह ग्राम पंचायत के पास है जिसका रखरखाव नहीं होने के कारण ध्वस्त पड़ी हैं। बारिश नहीं होने से गांव के नौले और धारे सूखने की कगार पर पहुंच चुके हैं। लगभग पांच हजार से अधिक आबादी को दो से तीन किमी दूर जाकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।
ग्रामीण मवेशियों को कई किलोमीटर दूर गधेरों में ले जाकर पानी पिला रहे हैं। जल संस्थान टैंकर भरने के लिए शालीखेत पंपिंग योजना पर निर्भर है। पानी के स्रोत नहीं होने के कारण टैंकर रोज 40 से 45 किलोमीटर दूर से पानी भरकर गांव में पहुंच रहा है। इधर डीडीहाट के घिमाली और आदिचौरा क्षेत्र के हुनेरा, रानीखेत, नौलियागांव, कुड़िया क्षेत्रों में पेयजल संकट के कारण तीन हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। ग्रामीण किसी तरह पानी की व्यवस्था करने में लगे हुए हैं।
बेलपट्टी के इन गांवों में ज्यादा परेशानी
अस्कोड़ा, रोतेड़ा, बडेना, चोड़धुरौली, नगल्टी, ड्यूल, हरड़ाकोट, चहज, जरमाल गांव, बुंगली, नाली, भामा सहित कई अन्य गांव।
बेलतड़ी और धारी ऐर गांव में पानी का संकट
मूनाकोट (पिथौरागढ़)। विकासखंड के धारी ऐर और बेलतड़ी गांव में पानी नहीं आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। ग्रामीण दया भट्ट ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई योजना जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। लाइनों में लीकेज के चलते गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी सूचना आठ अप्रैल को जल संस्थान को दे दी गई थी। अभी तक समस्या के समाधान के लिए कोई पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों ने डीएम को पत्र भेजकर पेयजल समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। संवाद
रई और पंडा क्षेत्र में भी लोग परेशान
पिथौरागढ़। रई और पंडा क्षेत्र में भी लोग पानी के लिए परेशान हैं। नलों में पर्याप्त पानी नहीं आने से ग्रामीण रई धारे और पंडा धारे से व्यवस्था कर रहे हैं। नहाने और कपड़े धोने के लिए पेयजल जुटाने में काफी दिक्कत हो रही है। सर्वाधिक दिक्कतें उन किरायेदारों को हो रही है जिनके मकान मालिकों ने हैंडपंप नहीं लगवाया है। संवाद
कोट
सड़क किनारे बसे 10 गांवों को तीसरे दिन पानी दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग ने एक टैंकर और एक पिकअप की व्यवस्था की है। स्रोत नहीं होने के कारण शालीखेत पंपिंग योजना से टैंकर भरा जा रहा है। - रूपेश आर्य, जेई, जल संस्थान, गंगोलीहाट।
बेड़ीनाग में भी पानी का संकट
सप्ताह में एक दिन भी नहीं मिल पा रहा पानी, लोग परेशान
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। नगर क्षेत्र में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। हालात यह है कि सप्ताह में एक दिन आने वाला पानी भी मुहैया नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नगर के शहीद चौक, पुराना बाजार, जगदंबा कलौनी और जवाहर चौक क्षेत्र में पानी नहीं आ रहा है। व्यापार संघ अध्यक्ष राजेश रावत ने बताया कि पानी की समस्या नगर क्षेत्र में लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने बताया कि पानी की समस्या के समाधान के लिए जल्द ही एसडीएम से मुलाकात कर नगर क्षेत्र में टैंकर के जरिये पानी का वितरण करने और व्यवस्था को सुचारु करने की मांग की जाएगी। नगर में मात्र एक सोलर हैंडपंप में भी पानी कम आने से लोग परेशान हैं। यही नहीं इस सोलर पंप टैंक की पिछले तीन वर्षों से सफाई नहीं हुई है। टंकी के ऊपर ढक्कन नहीं होने से इसमें गंदगी रहती है।
कोट
गोरघटिया पंपिंग योजना में लो वोल्टेज के चलते पंप नहीं चल रहा है। इससे पेयजल आपूर्ति में परेशानी हो रही है। - महेश रौतेला, अवर अभियंता, जल संस्थान, बेड़ीनाग।
19 अप्रैल को लाइन में व्यवधान आया था जिसे उसी दिन ठीक कर दिया गया था। वर्तमान में लो वोल्टेज की समस्या कहीं भी नहीं है। - दीपक कुमार, अवर अभियंता, ऊर्जा निगम, बेड़ीनाग।