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Pithoragarh News: दो साल से लाइन से लीक हो रहा पानी, भूस्खलन का खतरा बढ़ा

Sat, 31 Jan 2026 11:12 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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अस्कोट के खोलियागांव में लीकेज लाइन से बहता पानी। संवाद
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अस्कोट (पिथौरागढ़)। सीमांत जिले में जल संरक्षण और पानी की बर्बादी रोकने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। अस्कोट के खोलिया गांव में दो साल से लीकेज पेयजल लाइन इसका प्रमाण है। लंबे समय से लाइन लीक होने से मिट्टी कमजोर हो गई है इससे भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
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पहाड़ी से लगातार मिट्टी गिर रही है इससे नीचे बसे लोगों में दहशत है। ऐसा इसलिए कि बीते दिनों इसके नजदीकी गांव ओचपाली में क्षतिग्रस्त नहर से पानी का रिसाव होने के बाद हुए भूस्खलन से मकान के भीतर सो रहे एक युवक की दर्दनाक मौत हो चुकी है। खोलियागांव से जल संस्थान की जड़ियागाड़ पेयजल योजना की लाइन गुजरती है जो दो साल से लीकेज है। लाइन फटने से पानी लगातार नाले के रूप में बह रहा है।
लगातार पानी के रिसाव से पहाड़ी की मिट्टी कमजोर होकर गिरने लगी है जिससे नीचे बसे लोगों में दहशत है। लीकेज लाइन से सिर्फ 10 मीटर नीचे जगदीश पाल, किरन पाल, तनुज पाल, बिमला देवी, तुलसी देवी आदि के आवासीय मकान है। सभी ने बताया कि यदि पानी के रिसाव के चलते पहाड़ी पर भूस्खलन हुआ तो उनके मकानों सिस्टम की लापरवाही की भेंट चढ़ जाएंगे। यदि इस तरह की घटना हुई तो इसमें जनहानि भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी से लगातार मिट्टी गिर रही है और वे खतरे के डर से घरों के भीतर जाने में भी डर रहे हैं। जल संस्थान से लगातार लीकेज लाइन को ठीक करने की मांग के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में जल संस्थान किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है।
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हजारों लीटर पानी की हो रही है बर्बादी
खोलियागांव के ग्रामीणों ने कहा कि लाइन फटने से हर रोज हजारों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। पर्याप्त पानी गांवों तक नहीं पहुंचने से ग्रामीण परेशान हैं। आए दिन उन्हें पानी के लिए प्राकृतिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि जल संरक्षण के दावे सिर्फ बैठकों में होते हैं जो धरातल पर बेअसर हैं।
ओचपाली में भूस्खलन से युवक की हो गई थी मौत
क्षेत्र के ओचपाली गांव में लंबे समय से सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त थी। लगातार पानी का रिसाव होने से पहाड़ी की मिट्टी कमजोर हो गई। बीते दिनों पानी के रिसाव के चलते पहाड़ी से भूस्खलन हुआ तो नीचे बना मकान क्षतिग्रस्त हो गया। भारी मात्रा में मलबा गिरने से घर के भीतर सो रहा युवक इसमें दब गया और उसकी वहीं पर मौत हो गई।
खोलियागांव में पेयजल लाइन फटने से भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। यदि लाइन ठीक नहीं की गई तो इसकी बड़ी कीमत ग्रामीणों को चुकानी पड़ सकती है। जल्द लाइन ठीक नहीं हुई तो ग्रामीणों को साथ लेकर आंदोलन करना पड़ेगा। - अंकिता पाल, प्रधान, खोलियागांव
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खोलियागांव में पेयजल लाइन फटने की जानकारी है। शीघ्र टीम भेजकर लाइन ठीक कर दी जाएगी। - कमल कुमार भट्ट, अपर सहायक अभियंता, जल संस्थान, अस्कोट
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