गंगोलीहाट में आठवें दिन भी पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। लगातार आठ दिनों से जलापूर्ति बंद होने से गंगोलीहाट सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। इससे नाराज कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार और जल संस्थान का पुतला फूंका।
साढ़े तीन एमएलडी की शालीखेत पेयजल योजना के पावर हाउस के ट्रांसफार्मर में छह सितंबर की रात को खराबी आ गई थी। शनिवार से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। योजना से नगर के हाट, हनेरा, रावलगांव, गेरुवा, लाली, चोढियार, कुंजनपुर, पुनौली के साथ ही फुटसिल, दशाईथल, कफलाड़ी, सुनारगांव को पानी की आपूर्ति होती है। इस योजना में 625 संयोजन और 100 स्टेंड पोस्ट हैं। पानी की आपूर्ति ठप होने से लोगों को गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है। नलों में पानी नहीं आने से लोगों को हैंडपंपों, जलधारों से पानी की आपूर्ति करने को मजबूर हैं। टैंकरों के आते ही खाली बर्तनों के साथ इंतजार कर रहे लोगों की भीड़ जुट जा रही है। जल संस्थान के तकनीशियन पिछले दो दिनों से खराबी को दूर करने में जुटे हैं। इसके बावजूद शुक्रवार को भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी।
जल संकट से नाराज कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार और जल संस्थान का पुतला फूंक दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गंगोलीहाट की नौ हजार की आबादी पेयजल को तरस रही है, जबकि क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त हैं। पुतला फूंकने वालों में ब्लाक अध्यक्ष हयात सिंह बोरा, गोकुल मेहता, मनोज मेहरा, नीरज रावल, मोहित साह, महिमन बिष्ट, अमन मौरा, दीपक खाती, केशर सिंह सुगड़ा, नाथ लाल साह आदि शामिल शामिल रहे।