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रज्यूड़ा के लोग बारिश का पानी पीकर बुझा रहे हैं प्यास

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मूनाकोट के रज्यूड़ा गांव में पीने के लिए बरसात के जमा करते ग्रामीण। - फोटो : PITHORAGARH
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झूलाघाट (पिथौरागढ़)। मूनाकोट ब्लॉक के रज्यूड़ा गांव के लोग तीन माह से पेयजल संकट झेल रहे हैं। तीन माह पूर्व गांव के लिए स्वीकृत हैंडपंप नहीं लगने से लोगों में आक्रोश है। लोगों ने शीघ्र हैंडपंप न लगाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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रज्यूड़ा गांव में 20 परिवार रहते हैं। गांव के लोग लंबे समय से पास के गांव के नौले और बारिश के पानी से अपनी और मवेशियों की प्यास बुझा रहे हैं। ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन पेयजल मंत्री बिशन सिंह चुफाल ने गांव के लिए हैंडपंप को स्वीकृति दिला दी। जल संस्थान ने हैंडपंप लगाने वाली कंपनी को धन आवंटित भी कर दिया लेकिन हैंडपंप नहीं लग पाया है। हैंडपंप न लगने से गांव के लोग टैंक जमा बारिश के पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता गोविंद पुजारा ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर हैंडपंप न लगाने पर आंदोलन किया जाएगा। जल संस्थान मूनाकोट के एई विपिन विश्वकर्मा ने बताया कि हैंडपंप लगाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हैंडपंप का सामान मुख्यालय से आता है। मुख्यालय को डिमांड भेजी गई है। सामान मिलते ही काम शुरू हो जाएगा।
सिकड़ानी में लोगों को सात दिन बाद मिला पानी
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय से सटे चंडाक क्षेत्र के सिकड़ानी के लोगों को सात दिन बाद मिला है। इसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली। पिछले छह दिन से लोग पानी के लिए बेहद परेशान थे। हालांकि शनिवार तड़के सुबह लोग बर्तन लेकर पहले ही पानी भरने के लिए मल्ला नौले पर पहुंच गए थे। नल में पानी आने का पता चलने पर लोग लौट आए। इसके बाद लोगों ने आराम से पानी भरा। 30 परिवार पिछले छह दिन से पानी के लिए परेशान थे। लोग रात-दिन पानी ढोकर परेशान हो रहे थे। उन्हें लाइन लगाकर नौले से पानी भरना पड़ता था। फिलहाल पानी आने से उन्हें काफी राहत मिली। सभासद ललित पुनेड़ा ने कहा कि बार-बार होने वाली समस्या का जल संस्थान को स्थायी समाधान करना चाहिए।
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