मूनाकोट ब्लॉक के नेपाल सीमा से लगे चार गांवों के ग्रामीण पिछले तीन दिनों से पेयजल किल्लत से परेशान हैं। ग्रामीण चार किमी दूर से पेयजल की आपूर्ति करने के लिए मजबूर हैं। उन्होंने जल संस्थान से पेयजल आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारु करने की मांग की है।
मूनाकोट ब्लॉक के मजिरकाड़ा, सेठीगांव, अठखोला और लमतड़ा गांव के 200 परिवारों को पानी देने के लिए 1983 में च्योड़ीगाड़ से पेयजल योजना बनाई गई थी। 40 साल पहले बनी योजना कई बार टूट चुकी है। तीन माह पहले जल संस्थान ने गांव में 20 हजार लीटर का पानी का टैंक बनाकर योजना की मरम्मत के लिए बजट भी स्वीकृत कर लिया है लेकिन अब तक योजना के पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं किया है। इसके चलते ग्रामीणों को आए दिन जल संकट से जूझना पड़ रहा है।
तीन दिन पहले योजना के टूटने से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। वहीं जल जीवन मिशन फेस-दो में टंकी तक स्रोत से पानी नहीं पहुंच पाया है। इस कारण भी चारों गांवों के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। मजिरकांड स्थित मन महेश मंदिर, असुर देवता, बामन देवता और खंडेनाथ के मंदिर में हर दिन पूजा होती है। इसके लिए भी ग्रामीणों को चार-पांच किलोमीटर दूर भटेड़ी या गौड़ीहाट से पानी ढोना पड़ रहा है।
सतगढ़ के चौरा तोक में लगा हैंडपंप एक सप्ताह से खराब
विकासखंड के सतगढ़ गांव के चौरा तोक में लगा हैंडपंप एक सप्ताह से खराब है जिससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन दिनों ग्राम पंचायत की पेयजल योजना से भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों को मजबूरन नौले-धारों से पेयजल की आपूर्ति करनी पड़ रही है। जल संस्थान के ईई सुरेश जोशी का कहना है कि हैंडपंप को ठीक करने के लिए जल्द टीम भेजी जाएगी।
मजिरकांडा गांव के जीवन भट्ट, नीलाधर भट्ट, तुलसी भट्ट, बासुदेव भट्ट, मदन भट्ट, दीपक भट्ट, त्रिभुवन भट्ट ,भुवन चंद्र भट्ट, हीरा भट्ट आदि का कहना है कि यदि जल जीवन मिशन के अंतर्गत काम में लापरवाही होगी तो डीएम कार्यालय में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। जल संस्थान ने बुधवार को तीन दिन बाद क्षेत्र के 200 परिवारों को पानी देने के लिए दो टैंकर जिला मुख्यालय से भेजे हैं।
मजिरकाड़ा सहित तीन गांवों को पानी की सप्लाई करने वाली च्योड़ीगाड़ योजना में लाइन चोक हो गई है। मूनाकोट के जूनियर अभियंता के साथ एक टीम को लाइन की मरम्मत के लिए भेजा गया है। आपूर्ति शीघ्र शुरू कर दी जाएगी।
-विनय जोशी, सहायक अभियंता, जल संस्थान, पिथौरागढ़।