फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल निगम कर्मियों ने बंद कराए दफ्तर

Thu, 10 Dec 2015 10:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़/गंगोलीहाट।
विज्ञापन
विज्ञापन
जल निगम के राजकीयकरण की मांग को लेकर आंदोलित कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी अपने दफ्तर बंद कराए और विभाग के राजकीयकरण की मांग को लेकर धरना दिया। जल निगम के कर्मचारी 14 दिसंबर तक इसी तरह आंदोलन जारी रखेंगे और 15 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे।
विज्ञापन



धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जब से राज्य बना है तब से हर मुख्यमंत्री जल निगम के राजकीयकरण की घोषणा करते आ रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इस घोषणा को पूरा नहीं किया। राज्य बनने के 15 साल बाद भी यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। कर्मचारियों का तर्क है कि राजकीयकरण होने के बाद कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी और स्वीकृत योजनाओं का संचालन तेजी से होगा।


इस आंदोलन को चलाने के लिए गठित अधिकारी, कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने कहा है कि प्रांतीय कार्यकारिणी ने इस मुद्दे पर आंदोलन की जो रूपरेखा बनाई है। उसका पूरा पालन किया जाएगा। सभा की अध्यक्षता बीएल वर्मा ने और संचालन उमेद सिंह बिष्ट ने किया। सभा में एलएम कर्नाटक, अविनाश चंद, जीएस चौहान, राजीव सैनी, एमएम जोशी, आरके कांडपाल, एनके कापड़ी, मनोहर पाठक, भूपेंद्र सिंह, प्रकाश सामंत, कलावती आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन


इधर, गंगोलीहाट में भी जल निगम कर्मचारियों का आंदोलन जारी है। दफ्तरों में तालाबंदी के बाद हुई सभा में अजय गुरंग, विजयपाल, वीके रवि, समीर प्रताप सिंह, जगदीप राणा, मनोज कुमार, रमेश चंद्र पांडे, बीसी जोशी, भरत धानिक, गिरीश पंत, सुरेश पंत, पुष्पा टम्टा ने विचार रखे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें