धारचूला (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में हो रही बारिश और ग्लेशियर पिघलने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। इसके चलते धौलीगंगा पावर स्टेशन के छिरकिला बांध के रखरखाव के लिए जरूरत के अनुसार कभी भी पानी छोड़ा जा सकता है।
एनएचपीसी के पत्र के आधार पर एसडीएम मंजीत सिंह ने अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड को काली नदी तट पर किए जा रहे निर्माण कार्य में लगे मजदूर और जनमानस को सूचित करने के निर्देश दिए हैं। बांध से जल छोड़ने के संबंध में बांध स्थल से तवाघाट तक जगह-जगह पर पहले ही नोटिस बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही पानी छोड़ने से पहले हूटर बजाकर आसपास के लोगों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। संवाद
शारदा नदी के जलस्तर में होने लगी बढ़ोतरी
बनबसा (चंपावत)। पहाड़ों की बर्फ पिघलने से शारदा नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ने लगा है जिससे एनएचपीसी और लोहियाहेड पावर हाउस विद्युतगृहों में उत्पादन बढ़ने लगा है। मार्च में नदी का जलस्तर करीब 4300 क्यूसेक था। पिछले चार दिनों से नदी में 9555 क्यूसेक पहुंच गया है।
एनएचपीसी के बनबसा स्थित टनकपुर पावर स्टेशन का विद्युत उत्पादन 35 मेगावाट तक पहुंच गया है जबकि मार्च में 25 मेगावाट बिजली बन रही थी। वहीं खटीमा स्थित लोहियाहेड पावर हाउस में विद्युत उत्पादन 20 मेगावाट तक होने लगा है जबकि मार्च में केवल 14 मेगावाट बिजली बन रही थी।
यूपी सिंचाई विभाग के बनबसा शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि जून से नदी का जलस्तर काफी अधिक बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि एक जून से 15 अक्तूबर तक शारद नदी में रेड अलर्ट रहेगा। इस दौरान नदी में जाने और छान आदि लगाने की मनाही रहेगी। संवाद