वड्डा की रामलीला में सूर्पनखा का नाक कटने पर क्रोधित खर, दूषण
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जिला मुख्यालय के बिशाड़ और वड्डा के साथ ही अस्कोट, डीडीहाट में रामलीला जारी है। ठंड के बावजूद रामलीला देखने को लोगों की भीड़ जुट रही है।
बिशाड़ की रामलीला में धनुष यज्ञ, परशुराम-लक्ष्मण संवाद और राम-सीता विवाह का सुंदर मंचन किया गया। रामलीला कमेटी के अध्यक्ष हंसा दत्त भट्ट ने सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। वड्डा की रामलीला में सूर्पणखा के नाक, कान काटने से सीताहरण तक की लीला हुई। अस्कोट की रामलीला में रामजन्म, सीता जन्म का मंचन हुआ। रावण के आतंक का मंचन किया गया।
डीडीहाट की रामलीला की शुरुआत सीता जन्म से हुई। महर्षि वशिष्ठ यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से राम, लक्ष्मण को मांग ले जाते हैं। राम, लक्ष्मण ताड़का और सुबाहू राक्षस का वध करते हैं। राजा जनक के निमंत्रण पर महर्षि विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को लेकर जनकपुरी पहुंचते हैं। राजकुमारी सीता गौरी पूजन के लिए पुष्पवाटिका से फूल तोड़ने आईं होती हैं। सीता को देखकर लक्ष्मण कहते हैं-देखो जी देखो महाराज वह ललनी। भगवान राम कहते हैं-तनिक निहारो तुम जानकी छवि भैय्या, वाटिका फिरत कोटि चंद्र भी लजाई है।
मुख्य अतिथि विधायक विशन सिंह चुफाल, ब्लॉक प्रमुख जयंती देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष कवींद्र शाही ने दीप जलाकर रामलीला की शुरुआत कराई। पुलिस ने रामलीला के दौरान जागरूकता अभियान चलाया। थानाध्यक्ष गणेश सिंह सामंत ने यातायात नियमों की जानकारी दी। नौकर, किराएदार का सत्यापन कराने की अपील की।