स्टेशन कमांडर बिग्रेडियर रंजन मलिक ने कहा कि देश की सीमाओं के साथ ही आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी सैनिकों के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने वीरता एवं साहस से प्रतिकूल परिस्थितियों का मुकाबला किया और देशवासियों की रक्षा की। इसके लिए सैनिकों को शहादत के साथ ही बड़ी कुर्बानी भी देनी पड़ी। उन्होंने ऐसे युद्धवीरों और वीर नारियों को सम्मानित किया और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
रविवार को जनरल बीसी जोशी आर्मी स्कूल में युद्ध घायल सैनिक दिवस के अवसर पर कई युद्धवीरों और वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान कर्तव्य निर्वहन के दौरान अशक्त हुए युद्धवीरों को फ्रेंडली मेडिकल उपकरण जैसे ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, हेंडिकेप्ड किट, वॉकिंग स्टिक, स्लीपिंग बैग, वॉकर आदि बांटे गए, जबकि 17 पूर्व सैनिकों को आर्थिक सहायता मुहैया कराई गई। बिग्रेडियर ने कहा कि पूर्व सैनिकों और आश्रितों के कल्याण के लिए समय-समय पर अन्य क्षेत्रों में भी शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही मौके पर ईसीएचएस, मेडिकल, सीएसडी, पेंशन संबंधी समस्याओं का निस्तारण किया गया।
पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए बहुउद्देशीय शिविर भी लगाया गया। इसमें स्वास्थ्य शिविर के साथ ही विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। इस शिविर में दो हजार से अधिक पूर्व सैनिकों, युद्धवीरों और वीर नारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना की सूर्या कमान की पंचशूल बिग्रेड ने किया। इस दौरान राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के निदेशक केवी चंद, एसपी रामचंद्र राजगुुरु, सिख रेजीमेेंट के सीओ सतविंदर सिंह, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी जीएस चंद, सहायक अधिकारी महावीर सिंह राणा, विद्यालय प्रधानाचार्य मनीष पवार आदि थे।
कैंटीन कार्ड के नवीनीकरण से रुकेगी डुप्लीकेसी
इन दिनों पूर्व सैनिकों के कैंटीन कार्ड का नवीनीकरण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया के दौरान पूर्व सैनिक और आश्रितों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शिविर के दौरान बिग्रेडियर मलिक ने बताया कि यहां 35 हजार से अधिक नए कैंटीन कार्ड बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे डुप्लीकेसी की रोकथाम होगी। उन्होंने पूर्व सैनिकों को कार्ड नवीनीकरण के दौरान आने वाली समस्याओं को दूर करने का भरोसा दिलाया।