धारचूला के व्यास घाटी में शुरू हुई शीतकाल की पहली बफबारी।
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चीन सीमा पर व्यास घाटी में शुक्रवार को शीतकाल की पहली बर्फबारी हुई। दोपहर करीब चार बजे से मौसम ने अचानक करवट ली और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। बर्फबारी के बाद पूरे क्षेत्र में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है।
14,000 फीट ऊंचाई पर स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम नाभीढांग के प्रबंधक नरेंद्र बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर चार बजे से हल्की बर्फबारी के साथ बारिश शुरू हुई। इससे तापमान में भारी गिरावट आई है। इसी तरह 10,500 फीट की ऊंचाई में स्थित केएमवीएन गुंजी के प्रबंधक होशियार रावत ने बताया कि गुंजी क्षेत्र में भी दोपहर से रुक-रुक कर बर्फबारी जारी रही। उन्होंने बताया कि 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई पर स्थित सभी गांवों में बर्फ गिर रही है। कुटी गांव (12,303 फीट) के होम स्टे संचालक कुंवर सिंह कुटियाल ने बताया कि 14,500 फीट पर आदि कैलाश पर्वत और आसपास की सभी ऊंची चोटियों पर बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है और ठंड काफी बढ़ गई। इधर, निचली घाटी में जिला मुख्यालय के साथ ही अन्य हिस्सों में हल्की बारिश हुई।
मौसम में खराबी के चलते आदि कैलाश यात्रा पर रोक
धारचूला में मौसम में खराबी के चलते प्रशासन ने फिलहाल आदि कैलाश यात्रा पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। यात्रा के लिए इनर लाइन परमिट जारी करने बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। मौसम खुलने के बाद फिर से परमिट जारी करने शुरू होंगे।
आदि कैलाश यात्रा के लिए 20 से 25 सितंबर तक कुल 2783 परमिट जारी हो चुके हैं। खराब मौसम के चलते शनिवार को इनर लाइन परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। यात्रियों की सुरक्षा जरूरी है। हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो रही है।
आशीष जोशी, एसडीएम, धारचूला