फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दृष्टिबाधित पर्वतारोही प्रकाश और शीतल जून माह में करेंगी यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रूस

विज्ञापन
दारमा, व्यास वैली में पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल को पर्वतारोहण की बारिंकिंया सिखाई जा रही हैं। स? - फोटो : PITHORAGARH
विज्ञापन
एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल दृष्टिबाधित पर्वतारोही प्रकाश चंद और स्थानीय युवाओं को पर्वतारोहण की बारीकियां सिखा रहे हैं। जून में पर्वतारोही प्रकाश चंद और शीतल यूरोप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रूस चढे़ंगे।
विज्ञापन

एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल ने दृष्टिबाधित पर्वतारोही प्रकाश चंद को आदि कैलाश, मालपा, बूंदी, गर्ब्यांग, आदि कैलाश ट्रैक मार्ग, ओम पर्वत ट्रैक मार्ग, सीनलापास, पंचाचूली बेस कैंप, चौदास वैली, दारामा वैली रालमधूरा पास में पर्वतारोहण की बारीकियां सिखा रहे हैं।
मूल रूप यमुना विहार निवासी प्रकाश दृष्टिबाधित पर्वतारोही हैं। वो वर्तमान में ओएनजीसी में इंजीनियर पद पर तैनात हैं। प्रकाश ने नवंबर 2018 में एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल और शीतल के साथ 4200 मीटर तक सफल आरोहण भी किया था। इसके लिए प्रकाश के सामने कभी दिव्यांगता आड़े नहीं है। अब प्रकाश एवरेस्ट विजेता शीतल के साथ यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी एल्ब्रूस 5548 पर चढेंगे। प्रसिद्ध पर्वतारोही योगेश गर्ब्याल ने उनको इसके लिए प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विज्ञापन

प्रकाश को बचपन से ही था पहाड़ चढ़ने का शौक
पिथौरागढ़। प्रकाश चंद बचपन से ही पहाड़ चढ़ने के शौकीन रहे हैं। वर्ष 1998 प्रकाश तीन मंजिला मकान की छत से गिर गए थे। इस हादसे में उनकी आंखें काफी कमजोर हो गई थी। उन्होंने आंखों का इलाज कई स्थानों में कराया, लेकिन उनकी आंखों की रोशनी नहीं लौटी।
माउंटेेनियरिंग कंपनियों की उपेक्षा, योगेश ने दिया साथ
पिथौरागढ़। प्रकाश चंद ने बताया कि पहाड़ चढ़ने का शौक होने के कारण उन्होंने कई माउंटेेनियरिंग कंपनियों से संपर्क किया। लेकिन ज्यादातर कंपनियों ने दृष्टिबाधित होने के कारण उन्हें मना कर दिया। उन्होंने बताया कि जब सब ने ठुकराया एवरेस्ट विजेता योगेश गर्ब्याल ने उनका साथ दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें