धारचूला(पिथौरागढ़)। दारमा घाटी के गांवों में वायरल बुखार और डायरिया का प्रकोप फैल गया है। अधिकांश ग्रामीण दर्द, बुखार, सर्दी, जुकाम, उल्टी और दस्त से पीड़ित हैं। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में बीमारों को इलाज नहीं मिल पा रहा है।
दारमा घाटी में 17 ग्राम पंचायतें हैं। बंद सड़कों और खराब रास्तों के कारण भारी बारिश में 70 से 80 किलोमीटर दूर धारचूला पहुंचना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बीमार लोग घरों में दर्द से कराहने को मजबूर हैं। दिलिंग दारमा सेवा समिति के अध्यक्ष करन सिंह ग्वाल ने बताया कि बोना, दातू, गो और दुग्तु सहित मल्ला दारमा के गांवों में हालात गंभीर हैं।
उन्होंने कहा कि गो और दुग्तु में स्थिति ज्यादा चिंताजनक है। क्षेत्र में तीजम से लेकर सीपू तक कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। दारमा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग शून्य हैं। समिति ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने बीमारी को फैलने से रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की है। सदस्यों ने कहा कि जल्द टीम भेजकर बीमारों का इलाज नहीं किया गया तो हालात और बिगड़ सकते हैं। यहां लक्ष्मण सिंह नगन्याल, दिनेश सिंह चलाल, अरविंद सिंह बोनाल आदि शामिल थे।
मामूली इलाज के लिए आईटीबीपी का सहारा
दारमा क्षेत्र में अस्पताल नहीं होने से यहां के लोगों को इलाज के लिए आईटीबीपी का सहारा है। बीमार होने पर लोग आईटीबीपी की फार्मेसी से दवा लेते हैं। बगैर जांच के बीमारों को सही दवा और इलाज नहीं मिल पाता। गंभीर रूप से बीमार होने पर उनके लिए करीब 80 किलोमीटर दूर धारचूला जाकर इलाज कराना मजबूरी है।
दारमा क्षेत्र में वायरल फैलने की जानकारी मिली है। जल्द ही प्रभावित गांवों में टीम को भेजा जाएगा। शिविर लगाकर बीमारों का इलाज और अन्य का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा।
-डॉ. जेएस चुफाल, सीएमओ, पिथौरागढ़