धारचूला के गलाती सड़क में चक्काजाम करते ग्रामीण
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गलाती-रमतोली धामीगांव मोटर मार्ग के मलबे से जिमतड़ गांव में फसलों की क्षति का मुआवजा नहीं देने और पेयजल, सिंचाई योजनाओं की मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने गलाती मोटर मार्ग पर जाम लगाने के बाद क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है।
विजय फिरमाल के नेतृत्व में जाम लगाने के दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान खेतों में मलबा डाला गया था। इससे फसलें बर्बाद हो गई थीं। सिंचाई गूल और पेयजल योजनाएं ध्वस्त होने से उन्हें दिक्कत हो रही है। निर्माणदायी संस्था पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने मुआवजा देने के साथ ही क्षतिग्रस्त योजनाओं की मरम्मत का आश्वासन दिया था, लेकिन ढाई वर्ष बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सिंचाई गूल क्षतिग्रस्त होने से किसानों की खेती का उत्पादन सिमट गया है।
खेतों में मलबा पड़ा है। फसलों के नुकसान का भी मुआवजा नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है, आंदोलन जारी रखा जाएगा। पहले दिन क्रमिक अनशन पर शेर राम, धन सिंह धामी, विक्रम सिंह, नकुल फिरमाल, पार्वती देवी, जमुना देवी, पद्म सिंह बैठे। इस दौरान शेर राम, पदम राम, रतन लाल, लक्ष्मण कुमार, सत्यदेव सोनाल, राजेंद्र कुमार, तुला दत्त, धन सिंह, भूपेंद्र धामी आदि थे।