पिथौरागढ़। मुनस्यारी विकासखंड के 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण विभिन्न मांगों के लिए कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि तहसील में स्थायी एसडीएम और तहसीलदार नहीं हैं। आपदा प्रभावितों का विस्थापन नहीं हो रहा है और वे सर्दी के मौसम में टेंटों में रहने के लिए मजबूर हैं। सड़क निर्माण के लिए अपनी जमीन खोने वालों को मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा अन्य मांगों के समर्थन में प्रदर्शन किया गया।
बृहस्पतिवार को मुनस्यारी के उच्छेती, रिंगू, गोल्फा, बोना, टांगा, लीलम, बुई, हरकोट सहित 20 से अधिक गांवों के ग्रामीण मदकोट की जिला पंचायत सदस्य भावना दानू के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया। भावना दानू ने कहा कि तहसील में न तो स्थायी एसडीएम हैं और न तहसीलदार। ऐसे में क्षेत्र के लोगों के काम नहीं हो रहे हैं। सीएचसी में अल्ट्रासाउंड मशीन जंक खा रही है और क्षेत्र की गर्भवतियां जांच के लिए जिला मुख्यालय जाने के लिए मजबूर हैं।
इसी तरह सिरतोला, गोल्फा, खरतोली, मवानी-दवानी में लगे बीएसएनएल के टावर शोपीस बने हुए हैं और गांवों में संचार सेवा ठप है। क्षेत्र के लोगों की आवाजाही के लिए नदियों पर लगीं गरारी खराब हैं और वे जान जोखिम में डालकर गांवों से बाहर निकल रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण किया गया है लेकिन अब तक जमीन का प्रभावितों को मुआवजा नहीं मिला है। चौना, भदेली, टांगा, बिंदी, बाता सहित अन्य गांवों के आपदा प्रभावित आज भी विस्थापन की राह देखते हुए खतरे के बीच अपने घरों में जीवन यापन कर रहे हैं।
उन्होंने डीएम आशीष भटगांई से भी मुलाकात कर 41 सूत्री ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की। चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे सड़कों पर उतरने के लिए विवश होंगे। प्रदर्शन करने वालों में यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम दानू, पूर्व प्रधान त्रिलोक सिंह, हरीश सिंह, भावना देवी, हिम्मत सिंह, आनंदी देवी, तुलसी देवी, गणेश सिंह, बृजेश सिंह मेहता, ललित बसेरा आदि शामिल रहे। संवाद