छह सूत्री मांगों को लेकर पांच दिनों से क्रमिक अनशन पर बैठे ग्रामीणों की कोई सुध नहीं लेने से गुस्साए जोशा और गांधीनगर के ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। तहसीलदार द्वारा शुक्रवार को अधिकारियों को बुलाकर वार्ता करने के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
जोशा-गांधीनगर मोटर मार्ग का कार्य शुरू करने, गांधीनगर जूनियर हाईस्कूल बनाने, गौना उडियार पर पैदल पुलिया बनाने, आपदा के दौरान टूटे मकानों का मुआवजा देने और पेयजल लाइनों को ठीक करने, मदकोट-जोशा मार्ग की दशा सुधारने, राइंका जोशा में शिक्षकों की तैनाती की मांग को लेकर ग्रामीण पांच दिनों से क्रमिक अनशन पर हैं। अनशनकारियों की कोई सुध नहीं लेने से ग्रामीण भड़क गए। बृहस्पतिवार को जोशा, गांधीनगर, नया बस्ती, मल्ला घोरपट्टा, बुंगा आदि गांवों के पुरुष, महिलाएं एवं बच्चे अनशन स्थल पर पहुंचे और वहां से एसडीएम कार्यालय को कूच किया।
तहसीलदार डॉ. ललित मोहन तिवारी ने ग्रामीणों को शुक्रवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों से वार्ता कर समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाया। जोशा के प्रधान बसंत राम ने कहा उनकी मांगें शीघ्र नहीं मानी गई तो वह जनवरी प्रथम सप्ताह से आमरण अनशन करेंगे। इस दौरान कांग्रेस के मनोहर टोलिया, एनएसयूआई के विक्रम दानू, उक्रांद के लोक बहादुर सिंह, दुर्गा राम, सुंदर राम, गोदावरी देवी, नंदी, मोहनी, देवेंद्र सिंह, दीवानी राम, नारायण सिंह, प्रेम सिंह, राजेश रोशन, राजेंद्र प्रसाद आदि थे।