सड़क की मांग को लेकर लछीमा गांव में अनशन पर बैठे ग्रामीण
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हलियाडोब से लछीमा, ओखरानी, सिरतोली होते हुए नाचनी तक स्वीकृत सड़क का काम पूरा नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने शुक्रवार से लछीमा गांव में ही क्रमिक अनशन शुरू कर दिया है। ठीक एक माह पहले ग्रामीणों ने प्रशासन को इस आशय का चेतावनी पत्र दिया था, इसमें सड़क निर्माण शुरू करने के लिए एक महीने का समय दिया था। यह समय अवधि पूरी होते ही ग्रामीणों ने आंदोलन शुरू कर दिया है।
मोटर मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की इससे पहले बैठक हुई। इसमें तय किया गया कि प्रथम चरण में रोज दो लोग क्रमिक अनशन पर बैठेंगे। पहले दिन देवी दत्त पाठक और भैरव दत्त पाठक क्रमिक अनशन पर बैठे। उनके साथ कई लोगों ने धरना दिया। बताया गया कि हलियाडोब से लछीमा, ओखरानी वाली इस सड़क की मंजूरी 2014 में मिल गई थी। 20 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर लोनिवि ने मात्र छह किलोमीटर सड़क की कटिंग की है। जुलाई 2017 से सड़क का निर्माण बंद कर दिया गया। बेड़ीनाग तहसील के इस सबसे पिछड़े इलाके में लोगों को अब तक सड़क सुविधा का लाभ नहीं मिला है।
25 हजार की आबादी वाले इस इलाके के लोग आज भी 108 आपात सेवा, रसोईगैस की सुविधा से वंचित हैं। लोगों में प्रशासन और शासन के रवैये पर भारी गुस्सा है। अनशन स्थल पर लोगों ने जमकर नारेबाजी की और अगले चरण में सामूहिक रूप से आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया। इस मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष भैरव दत्त पाठक, उपाध्यक्ष गोपाल सिंह मेहता, कोषाध्यक्ष बसंत बल्लभ पाठक, संयोजक देवी दत्त पाठक, सचिव शेर सिंह कार्की, संरक्षक दीवान सिंह मेहता, हयात सिंह कार्की, नाथू राम आदि लोग थे। महिलाओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। महिलाएं भी क्रमिक अनशन पर बैठने की तैयारी में हैं।