नाचनी (पिथौरागढ़)। वारिस न होने पर भुगतान न होने का नियम ही है जिसकी वजह से क्वीटी के मूक बधिर दिव्यांग शोबन राम (82) को दो साल से पेंशन नहीं मिली है। पिछले कुछ दिनों से बीमार यह बुजुर्ग लोगों के आगे हाथ फैलाने को विवश है।
बुजुर्ग को क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक से पेंशन का भुगतान होता था। बैंक के मुताबिक मूक, बधिर लोगों को बगैर वारिस के पेंशन का भुगतान नहीं किया जाता है। इस बुजुर्ग का कोई वारिस नहीं है। ग्राम प्रधान नीमा द्विवेदी कहती हैं कि बुजुर्ग की पेंशन के भुगतान के लिए कई मंचों में मामला उठाया जा चुका है। उन्हें पेंशन का भुगतान नहीं हुआ। शुक्रवार को क्वीटी के सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश द्विवेदी ने दिव्यांग का स्वास्थ्य खराब होने की जानकारी नाचनी के थानाध्यक्ष महेश चंद्र कांडपाल को दी। थानाध्यक्ष ने बुजुर्ग के स्वास्थ्य की जानकारी लेने के साथ ही ग्रामीण बैंक में पेंशन के संबंध में बात की। ग्राम प्रधान नीमा द्विवेदी ने कहा है कि बीमार बुजुर्ग का इलाज कराया जाएगा।
इस सबंध में उत्तराखंड ग्रामीण बैंक क्वीटी के शाखा प्रबंधक डीके आर्या ने बताया कि संबंधित दिव्यांग का 2017 में ग्रामीण बैंक में खाता खोला गया। बैंक की गाइड लाइन के अनुसार दिव्यांग का कोई अधिकृत वारिस न होने के कारण दो सालों से धनराशि की निकासी नहीं हो पा रही है।