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Pithoragarh News: चार दिन बाद तवाघाट-लिपुलेख सड़क दौड़े वाहन

Wed, 30 Jul 2025 10:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
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तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर मलघाट के पास आवाजाही करते वाहन। संवाद
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पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत जिले में बंद सड़कें लोगों की दिक्कतें बढ़ा रही हैं। बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से पिथौरागढ़-टनकपुर एनएच तीन घंटे बंद रहा। सैकड़ों वाहन फंसे रहे और यात्रियों को सड़क खुलने का घंटों इंतजार करना पड़ा। चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर तीन दिन बाद आवाजाही शुरू होने से सुरक्षा कर्मियों के साथ ही स्थानीय ग्रामीणों को राहत मिली है। कई ग्रामीण जरूरत का सामान लेने के लिए बाजार पहुंचे।
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बारिश के बाद बुधवार सुबह करीब सात बजे मलबा और बोल्डर गिरने से पिथौरागढ़-टनकपुर सड़क घाट बैंड के पास बंद हो गई। सड़क के दोनों तरफ सैकड़ों वाहन और यात्री फंसे रहे। पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से सड़क पर आवाजाही शुरू करना चुनौती बना रहा। बमुश्किल तीन घंटे बाद मलबा और बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई जा सकी। दिन में कई बार बोल्डर गिरने से आवाजाही बाधित होती रही। इससे यात्रियों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चीन सीमा को जोड़ने वाली प्रमुख तवाघाट-लिपुलेख सड़क पर तीन दिन बाद आवाजाही शुरू होने से यात्रियो ने राहत की सांस ली। यह सड़क बीते रविवार को मलघाट के पास बोल्डर गिरने से बंद थी। इस कारण व्यास घाटी के सात गांवों के ग्रामीणों के साथ ही चीन सीमा पर सुरक्षा में डटे जवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सड़क खुलने पर सेना की जरूरत का सामान पोस्टों के लिए रवाना हुआ और स्थानीय ग्रामीण भी जरूरत का सामान लेने के लिए बाजार के लिए निकले।
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बुधवार को मौसम का साथ मिलने पर बीआरओ ने सड़क खोली तो व्यास घाटी के 50 से अधिक ग्रामीण विकासखंड मुख्यालय पहुंच सके। मलघाट के पास यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है। एसडीएम जितेंद्र वर्मा ने अपील की है कि मौसम विभाग से मिली चेतावनी और सड़कों की जानकारी प्राप्त करने के बाद ही यात्रा करें।

बंद सड़कों को खोलना बना चुनौती
पिथौरागढ़। जिले में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से 11 सड़कें बंद हैं। इनमें से कई सड़कों पर लंबे समय से आवाजाही ठप है। जगह-जगह सड़कों का नामोनिशान मिट गया है। ऐसे में इन सड़कों पर यातायात शुरू कराना चुनौती बना हुआ है। सड़कें बंद होने से 25 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। ग्रामीण किसी तरह बदहाल रास्तों पर पैदल सफर कर बाजार, अस्पताल सहित जरूरी कामों के लिए गांवों से बाहर निकल रहे हैं। संवाद

ये सड़कें हैं बंद
बगीचा-सिनियाखोला, मुनस्यारी-मिलम, तवाघाट-सोबला-उमचिया, नाचनी-भैंसकोट, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा-हुनेरा, खुमती-कटौजिया, मदकोट-तोमिक, मदकोट-बौना, एलागाड़-जुम्मा और खिरमांडे-नैनी।
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