पिथौरागढ़। कनालीछीना ब्लाॅक के जमतड़ी गांव के कनतोली तोक का एक वनराजि पत्नी के इलाज के लिए पिथौरागढ़ में भटकता रहा। वनराजि का कहना है कि उसके पास स्वास्थ्य कार्ड, आधार कार्ड, बीपीएल कार्ड होने के बाद भी जिला अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में ले जाने को कह दिया। प्राइवेट अस्पताल में रुपये अधिक बताने के बाद वह पत्नी को वापस लेकर आए। वह रातभर बिना इलाज के अपनी पत्नी के साथ एक होटल में रहे। इलाज के लिए पैसे नहीं होने पर दूसरे दिन फिर जिला अस्पताल लेकर गए। दूसरे दिन जिला अस्पताल में उनकी पत्नी को भर्ती किया गया।
जमतड़ी गांव कनतोली तोक निवासी वनराजि लोकबहादुर अपनी पत्नी उषा देवी (35) को पेट दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल पिथौरागढ़ लेकर आए। यहां उनकी पत्नी को पहले दिन भर्ती नहीं किया गया। उन्हें प्राइवेट अस्पताल में जाने को कह दिया। वह पत्नी के इलाज के लिए नगर के एक प्रतिष्ठित अस्पताल में गए थे। यहां उनसे इलाज के 25 हजार रुपये खर्च आने की बात कही गई। वनराजि लोकबहादुर का कहना है कि वह घर से सिर्फ 1500 रुपये लेकर अस्पताल आए थे। इससे पूर्व एक रात होटल में रहने, पर्चा कटाने और खाने में रुपये खर्च हो गए। उनके पास रुपये नहीं थे। इसके बाद वह दूसरे दिन फिर पत्नी को जिला अस्पताल लेकर आए। यहां भर्ती करने के बाद उनका उपचार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास आयुष्मान स्वास्थ्य, आधार, बीपीएल कार्ड भी मौजूद था। इसके बाद भी उनकी पत्नी को प्राइवेट अस्पताल में ले जाने को कह दिया। पहले दिन ही भर्ती कर देते तो उन्हें बीमार पत्नी के साथ भटकना नहीं पड़ता।
कोट
इस तरह का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो मैं इस मामले की जांच करूंगा और अस्पताल में भर्ती नहीं करने वालों का पता लगाकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बीमार महिला की जांच कर उपचार किया जाएगा। - डॉ. जेएस नबियाल, पीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।