जिला महिला अस्पताल में शुक्रवार को बच्चों के टीकाकरण के लिए पहुंचे लोगों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। करीब चार घंटे के इंतजार के बाद टीकाकरण के लिए एएनएम की व्यवस्था हो पाई। कुछ लोग बच्चों का बिना टीकाकरण कराए ही घरों को निकल गए। महिला अस्पताल में हर बुध और शुक्रवार को बच्चों के टीकाकरण की तिथि तय रहती है। बुधवार को मौसम खराब होने के कारण कम संख्या में लोग पहुंचे। शुक्रवार सुबह नौ बजे से बच्चों को लेकर लोग अस्पताल पहुंचने लगे लेकिन टीकाकरण के लिए अस्पताल में कोई स्टाफ नहीं था। बाद में मुख्य चिकित्साधीक्षक डा. निर्मला पुनेठा ने ग्रामीण क्षेत्र के अस्पताल से एक एएनएम को बच्चों के टीकाकरण के लिए बुलाया। उनको अस्पताल पहुंचने में चार घंटे लग गए। अपराह्न एक बजे कुछ बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया। जबकि अधिकांश लोग पहले ही घरों को निकल गए थे। बताया गया है कि अस्पताल में शुक्रवार को कम से कम 60 लोग अपने बच्चों को लेकर पहुंचे थे।
सीएमएस डा. निर्मला पुनेठा ने बताया कि बुध और शुक्रवार को होने वाली भीड़ को देखते हुए अस्पताल में कम से कम दो एएनएम की तैनाती करने संबंधी पत्र वह सीएमओ को दे चुकी हैं। अब तक यह इंतजाम नहीं हो पाया। उन्होंने स्वीकार किया कि लोगों को बच्चों के टीकाकरण के लिए इंतजार करना पड़ा था। बच्चों को लेकर पहुंचे लोगों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी गुस्सा है। उनका कहना है कि जिले के इतने बड़े अस्पताल में टीकाकरण की सही सुविधा न मिलना खेद का विषय है। कई लोग बच्चों के टीकाकरण के लिए आफिस तथा स्कूल से छुट्टी लेकर पहुंचे थे।