पिथौरागढ़ जिले में बंद सड़कें लोगों की दिक्कत बढ़ा रही हैं। सड़कों को जल्द खोलने के दावे बेअसर हैं। इसकी मार ग्रामीण झेल रहे हैं। 25 गांवों का संपर्क कटा है और ग्रामीणों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।
सीमांत जनपद में बारिश के बाद मलबा और बोल्डर गिरने से थल-सातसिलिंग, पौड़ी-घटकुना, एलागाड़-जुम्मा, मदकोट-तोमिक, मदकोट-बोना, नाचनी-बांसबगड़, बमनगांव, कोटा-कांडाधूरा, खडिक-मलौन, डीडीहाट-आदिचौरा, सल्ला-रौतगड़ा, ड्योड़ा-बारमौ सड़कों पर आवाजाही पूरी तरह ठप है। सड़कें बंद होने से 25 से अधिक गांवों का संपर्क कटा है इससे 18 हजार से अधिक की आबादी को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। गांवों में फल, सब्जी सहित अन्य सामग्री की आपूर्ति नहीं हो रही।
लोग किसी तरह पैदल सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं और पीठ पर सामान ढोकर अपनी जरूरत पूरी करने के लिए मजबूर हैं। बीमारों और गर्भवतियों को भी इलाज और जांच के लिए पैदल अस्पताल पहुंचना पड़ रहा है। आपदा काल में बंद सड़कों को जल्द खोलने के दावे हो रहे हैं लेकिन लंबे समय बाद भी इन सड़कों पर आवाजाही शुरू नहीं कराई जा सकी।
बनकोट-बटगेरी सड़क को जल्द खोलने की मांग
बनकोट-बटगरी सड़क पर लंबे समय से आवाजाही ठप रहने से क्षेत्र के लोगों में आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार लोनिवि से सड़क खोलने की मांग की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने जल्द सड़क न खुलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
पिथौरागढ़ 2.20
गंगोलीहाट 2.50
बेड़ीनाग 26.20
डीडीहाट 43.20
मुनस्यारी 8.20
धारचूला 8.00
बंगापानी 4.00
कनालीछीना 25.20
तेजम 10.00
देवलथल 6.00
थल 29.00