चंपावत। जिला मुख्यालय के जूप क्षेत्र में जमीन का कब्जा दिलाने गई प्रशासन की टीम को विवाद का सामना करना पड़ा। प्रशासन के विरोध में कुछ महिलाओं ने पेड़ पर चढ़कर आत्मदाह का प्रयास करने की कोशिश की।
सूचना मिलने पर एसडीएम के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाकर मामला शांत कराया। हंगामे के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
जिला मुख्यालय के जूप क्षेत्र में शुक्रवार को जिला कोर्ट के आदेश के बाद एक व्यक्ति को जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम को स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। दूसरे पक्ष ने बिना सूचना दिए जमीन की कुर्की और नीलामी किए जाने का आरोप लगाते हुए प्रशासन की टीम को कब्जा लेने से रोकने का प्रयास किया।
इस दौरान विवाद बढ़ने पर हंगामा शुरू हो गया। कुछ महिलाओं ने पेड़ पर चढ़कर आत्मदाह का प्रयास भी किया। करीब दो घंटे तक चले घटनाक्रम में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पीड़ित रूप सिंह, प्रेम सिंह, नंदन सिंह, खीम सिंह, प्रहलाद सिंह आदि ने बताया कि उन्होंने करीब 50 वर्ष पूर्व इस जमीन खरीदी थी हालांकि किसी कारण से जमीन का दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बावजूद वे तब से लगातार जमीन पर खेती करते आ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व उक्त भूमि के एक नाली पांच मुट्ठी हिस्से को चरस तस्करी के मामले में सजा काट रहे हेमराज बोहरा ने कोर्ट में जमानत के लिए लगाया था। जमानत की राशि जमा न होने पर कोर्ट की ओर से भूमि की नीलामी कर दी गई। पीड़ितों का आरोप है कि जमीन की कुर्की और नीलामी से पहले उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि वे 50 वर्ष से अधिक समय से जमीन पर लगातार कृषि कार्य कर रहे हैं और अचानक प्रशासन की टीम जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंच गई। इससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। एसडीएम ने लोगों को समझाकर मामला शांत कराया। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस के भी पसीने छूटे।