प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अस्कोट का उच्चीकरण, डाक्टरों की तैनाती, तहसील खोलने की मांग को लेकर सभी राजनीतिक दलों के लोगों और आम नागरिकों ने रविवार को दोपहर 12 बजे तक अस्कोट बाजार बंद रखने के साथ ही जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया।
बाजार बंद कर सड़क पर उतरे लोगों का कहना था कि आजादी के बाद तक अलग रियासत रहे अस्कोट को राजनेताओं ने उपेक्षित छोड़ दिया है। अस्कोट को तहसील का दर्जा देकर पृथक प्रशासनिक इकाई का गठन करने की मांग पूरी नहीं की जा रही है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन डाक्टरों के स्थान पर एक भी डाक्टर नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा नहीं दिया जा रहा है।
लोगों ने थाने में प्रदर्शन के बाद थानाध्यक्ष विद्याधर जोशी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में कहा है कि 15 दिन में मांग पूरी नहीं होती है तो राष्ट्रीय राजमार्ग जाम किया जाएगा। जुलूस, प्रदर्शन में कैलाश पाल, भीम सिंह भंडारी, ललित लुंठी, तारा बिष्ट, गोविंद रावत, प्रकाश पाल, बहादुर सिंह बिष्ट, बलवंत भंडारी, ललित पाल, महेश पुजारी, मनोज लुंठी, विक्रम रावत, खड़क सिंह भंडारी, देवकीनंदन उपाध्याय, मनोज पंत, बिजेंद्र भंडारी, राजेश चंद, होशियार सिंह, शुभम सिंह शामिल थे।