मदकोट के आलम-दारमा जंगल में लगी आग से उठता धुंआ। संवाद
पिथौरागढ़/बंगापानी। पिथौरागढ़ जिला मुख्यालय से लगे बमनधौन, थलकेदार, रई-बास्ते के जंगल में आए दिन आग का धुंआ उठता रहता है। पिछले हफ्ते मुनस्यारी के पंचाचूली की तलहटी के जंगलों में लगी आग को बुझाने में वन विभाग की टीम को जंगल में ही टेंट लगाकर डेरा डालना पड़ा था।
इसके बाद भी दूसरे जंगल में बहुमूल्य संपदा आग से सुलगती रही। उधर, बंगापानी तहसील के ग्राम सभा आलम-दारमा गांव के जंगल में अराजक तत्वों ने आग लगा दी। गांव ढलान में बसा है। पिछले लंबे समय से बारिश न होने से मिट्टी भी सूख गई है। अब आग लगने से यह भुरभुरी हो जाएगी। मानसून काल में यही मिट्टी आपदा का कारण बनती है।
सरपंच पदम सिंह धामी ने वन पंचायत की बैठक में ग्रामीणों से जंगल में आग नहीं लगाने का अनुरोध किया है। इसके बावजूद लोग निजी स्वार्थ के लिए आग लगा रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी जगदीश सिंह बिष्ट का कहना है कि आग बुझाने के लिए टीम भेजी गई है। उन्होंने कहा कि आग आग लगाने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। संवाद