डीडीहाट (पिथौरागढ़)। जहां एक ओर प्रदेश सरकार विभिन्न नगरों को उड़ान योजना में शामिल कर हेली सेवा संचालित कर रही है वहीं दूसरी ओर उड़ान योजना से जुड़ने के बाद भी डीडीहाट से हेलीकॉप्टर नहीं उड़ सका है।
डीडीहाट को साल 2021 में उड़ान योजना से जोड़ने का काम केंद्र और राज्य सरकार ने किया था। इसके लिए सरकार ने हेलीपेड बनाने के लिए ननपापू में जमीन उपलब्ध कराकर एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। डीडीहाट के ननपापू में हेलीपेड बनाने का काम शुरू हुआ, लेकिन वन पंचायत की भूमि का हस्तांतरण नहीं होने से काम रुका हुआ है।
हेलीपेड नहीं बनने से क्षेत्र की जनता को हवाई यात्रा की सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है। ग्रामीण निर्माण विभाग के अनुसार भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। भूमि हस्तांतरण होते ही छह माह में हेलीपेड का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इस मामले में एसडीएम खुशबू पांडे का कहना है कि आरडब्लूडी को हेलीपेड निर्माण शीघ्र करने के निर्देश दिए हैं।
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सीमा पर तैनात जवानों को मिलता हेली सेवा का लाभ
डीडीहाट में एसएसबी, आईटीबीपी की बटालियन हैं। इसके अलावा चर्मा में सेना तैनात है। देश के विभिन्न राज्यों के जवान इन सैन्य बलों में तैनात हैं। यदि यहां से हेली सेवा शुरू होती तो स्थानीय लोगों के अलावा जवानों को भी आवागमन में सुविधा मिलती। वर्तमान में सुरक्षा बलों में तैनात जवानों को हवाई सेवा के लिए 55 किलोमीटर दूर पिथौरागढ़ जाना पड़ता है।