शहीद शंकर सिंह के माता-पिता, पत्नी और छह साल का बेटा नाली गांव में रहते हैं। शंकर की शहादत की खबर सुनने के बाद से परिजन बदहवास हैं। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने शंकर सिंह के घर जाकर माता-पिता और पत्नी को सांत्वना दी।
वहीं, शहीद गोकर्ण सिंह का परिवार वर्तमान में बरेली कैंट बंगला नंबर 26 में रहता है। गोकर्ण सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद बरेली से उनकी पत्नी और दो बच्चों को गांव लाया जा रहा है। उनके देर रात तक यहां पहुंचने की संभावना है। गोकर्ण सिंह के शहीद होने की सूचना के बाद से नापड़ गांव सहित पूरे तल्ला जोहार क्षेत्र में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार दोनों शहीदों के पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाए जाएंगे। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शहीद गोकर्ण सिंह और नायक शंकर सिंह की शहादत को नमन किया है। कहा है कि एक ओर हमें अपने जवानों की शहादत पर गर्व है वहीं उन्हें खोने का दुख भी है।
ईश्वर उनके परिजनों को धैर्य प्रदान करें। राज्य सरकार द्वारा शहीदों के परिजनों को हर संभव मदद की जायेगी।