रस्सियों की सीढ़ी से गिरकर दो मजदूर घायल
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धारचूला (पिथौरागढ़)। मालपा में कठोर चट्टान को पार करने के लिए बनाई गई रस्सियों की सीढ़ी से गिरकर दो मजदूर घायल हुए हैं। यह मजदूर मालपा तक रास्ता बनाने का काम कर रहे हैं। यहां मिली सूचनाओं में कहा गया है कि रविवार दोपहर बाद जब दो मजदूर रस्सी से बनी इस सीढ़ी में चढ़े तो रस्सी का एक हिस्सा टूट गया और दोनों मजदूर दस फुट नीचे जमीन में आ गिरे।
मजदूरों को धारचूला अस्पताल लाया जा रहा है। रास्ते में होने के कारण उनके नाम पता नहीं चल सका। इसी तरह की एक रस्सी की सीढ़ी नजंग के पास की चट्टान में भी बनाई गई है। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि मालपा तक पहुंचने के लिए रास्ते का निर्माण लोनिवि के मजदूर कर रहे हैं। नजंग में 30 मीटर लंबी दीवार बनाई जानी है। सात मीटर दीवार ही बन पाई है। इसी तरह मालपा में 50 मीटर चट्टान को काटा जाना है। 25 मीटर कटिंग पूरी हो गई है।
मालपा में अब एसडीआरएफ नहीं
पिथौरागढ़। डीएम सी रविशंकर के आदेश पर मालपा में 31 अगस्त को खोजबीन का काम बंद कर दिया गया था। वहां खोजबीन के काम में लगी एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम एक सितंबर को लौट आई थी। एसपी अजय जोशी ने बताया कि मालपा में हाल फिलहाल एसडीआरएफ को किसी कपड़े में लिपटे रुपये मिलने की सूचना नहीं है। इस समय वहां पर एसडीआरएफ के जवान तैनात नहीं हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डॉ. आरएस राणा ने बताया कि मालपा में 31 अगस्त तक जो खोजबीन अभियान चला था। उस दौरान करीब 27 हजार रुपये भारतीय और चार हजार रुपये के नेपाली नोट मिले थे। यह राशि उसी वक्त राजस्व पुलिस को सौंप दी गई थी। इस समय मालपा में खोजबीन का काम नहीं चल रहा है। मालपा में 13 अगस्त को देर रात आई आपदा में 18 लोग मलबे में दब गए थे। उनकी खोजबीन के लिए 31 अगस्त तक अभियान चला लेकिन कोई कामयाबी न मिलने पर खोजबीन का काम रोक दिया गया था।