झूलाघाट(पिथौरागढ़)। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कृत्रिम गर्भाधान से सुवाकोट में पहली बार दो जुड़वा बछिया का जन्म हुआ हैं।
राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत जिले में 15 सितंबर से 31 मई तक 1324 गायों और भैंसों पर कृत्रिम गर्भाधान की प्रक्रिया अपनाई गई। वड्डा से लगे सुवाकोट गांव में हेमा चंद की गाय ने दो बछिया को जन्म दिया। जिले में लिंग वर्गीकृत वीर्य के माध्यम से भी बछिया पैदा हो रही हैं। अभी तक मूनाकोट के सुवाकोट गांव में नवीन मतवाल, रियासी में रेनू खड़ायत, जाखपंत में हेमा पंत सहित पांच पशुपालकों की गायों ने इस विधि से बछिया को जन्म दिया। इस विधि से नर बछड़ों में कमी आने के साथ ही दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी।
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सामान्यतया गाय में एक ओवम (अंडा) ही बनता है। एक हजार गायों में से एक गाय में ही दो ओवम बनते है। दो ओवम गिरने से दो बछियाओं का जन्म होता है। इसी प्रक्रिया के तहत सुवाकोट में दो बछियाओं का जन्म हुआ हैं। - डॉ. लाल सिंह सामंत, पशु चिकित्साधिकारी, मूनाकोट।