मलबे में दबे लोगों की खोजबीन करते सेना के जवान
- फोटो : अमर उजाला
बस्तड़ी एवं नौलड़ा के कुमालगौन में खोज और बचाव का काम दूसरे दिन भी जारी रहा। कुमालगौन में दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। बस्तड़ी में लापता लोगों का कोई पता नहीं चला। बस्तड़ी में 15 लोग लापता है। शनिवार को जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल ने बस्तड़ी जाकर हादसे की जानकारी ली।
नौलड़ा के कुमालगौन में बची राम और उनकी पत्नी पार्वती देवी का शव एक कमरे में दबा मिला। इनका पुत्र मनोज कुमार अब भी लापता है। बस्तड़ी में भी शनिवार को खोजबीन का काम चला, लेकिन किसी लापता व्यक्ति का कोई पता नहीं चला। लापता लोगों में से किसी के जीवित होने की संभावना नहीं के बराबर है। शनिवार को बस्तड़ी पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल ने प्रभावितों को हरसंभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया। प्रभावित गांव को शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम एचसी सेमवाल शनिवार को नौलड़ा के कुमालगौन में थे। उन्होंने राहत, बचाव कार्य का जायजा लिया। डीएम ने 48 घंटे के भीतर क्षति का मुआयना कर प्रभावितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग क्षति का आकलन कर रहा है। डीएम ने आपदाग्रस्त गांवों में महामारी न फैले इसके लिए दवाओं का छिड़काव करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए हैं। बस्तड़ी में एडीएम मोहम्मद नासिर के नेतृत्व में खोज और बचाव का काम चला। लापता लोगों का पता न चलने से परिजन परेशान हैं।