पिथौरागढ़। 90 के दशक में आई अमिताभ बच्चन और रेखा की फिल्म ''''सिलसिला'''' के सुपरहिट गाने ''''देखा एक ख्वाब तो ये सिलसिले हुए...'''' गीत में कश्मीर के ट्यूलिप गार्डन की खूबसूरती को भी बेहतरीन तरीके से फिल्माया गया था। इसी तर्ज कुमाऊं के पिथौरागढ़ जिले में मड़ खड़ायत के चंडिका मंदिर क्षेत्र में भी ट्यूलिप गार्डन बनाने की कवायद की गई लेकिन अफसोस... यहां पर ख्वाब का वह सिलसिला अधूरा रह गया है। वन विभाग ने बाद में इसे गैर वानिकी कार्य बताकर ट्यूलिप गार्डन विकसित करने से मना कर दिया।
जिले के मड़ खड़ायत में 30 हेक्टेयर भूमि पर ट्यूलिप गार्डन बनाने के लिए वन विभाग ने 183.60 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया था। सरकार ने ट्यूलिप गार्डन के निर्माण के लिए 1.77 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। पहली किस्त के रूप में 76 लाख रुपये अवमुक्त भी हो गए थे। जिले के मोस्टमानू और मुनस्यारी में ट्यूलिप का सफल परीक्षण भी हुआ था। वन विभाग ने दो साल पूर्व हरेला पर्व पर मड़ खड़ायत में इसका औपचारिक शुभारंभ भी किया। कुछ समय बाद तत्कालीन डीएफओ डॉ. विनय भार्गव का स्थानांतरण होने के बाद यहां डीएफओ डॉ. कोको रोसे ने कार्यभार संभाला।
उन्होंने इसे गैर वानिकी कार्य बताते हुए योजना को परवान चढ़ाने से मना कर दिया। ट्यूलिप गार्डन विकसित करने को मिले 76 लाख रुपये शासन को वापस करने के लिए पत्र लिख दिया। कुछ समय बाद उनका भी स्थानांतरण हो गया। अब यहां डीएफओ विजय मोहन दगाड़े ने कार्यभार संभाला है। उनका कहना है कि उन्होंने भी शासन को तीन बार ट्यूलिप गार्डन के लिए मिले रुपये वापस लेने के लिए पत्र लिख दिया है। यह कार्य सरकार को उद्यान विभाग से कराना चाहिए।
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जैव विविधता संरक्षण के लिए भी होना था कार्य
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ में ट्यूलिप गार्डन के निर्माण के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण के लिए भी कार्य होना था। प्रस्तावित ट्यूलिप गार्डन में जंगली गुलाब, ऑयरिस, फॉक्सग्लव, मेहल, पैय्या, घिंघारू, तिमूर, किलमोड़ा, स्थानीय फलदार, शोभादार पौधे, जड़ी-बूटी आदि का रोपण कार्य भी प्रस्तावित था लेकिन यह योजना करीब ढाई साल से ठंडे बस्ते में है। संवाद
कोट
पिथौरागढ़ में ट्यूलिप गार्डन के निर्माण के लिए दोबारा परीक्षण किया जा रहा है। इसके बाद ही आगे की कार्यवाही की जाएगी। - रीना जोशी, डीएम पिथौरागढ़।