पिथौरागढ़। सीमांत जिले में हो रही भारी बारिश से चीन सीमा और ग्रामीण क्षेत्र की 22 सड़कों पर आवागमन बंद हो गया है। इनमें से कई सड़कें ताे ऐसी हैं जो लंबे समय से बंद हैं। इसके चलते ग्रामीणों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीन लगाई गई हैं। चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क मंगलवार की सुबह भूस्खलन होने से फिर से बाधित हो गई है।
आपदा प्रबंधन केंद्र से के अनुसार मदकोट-फाफा, मुनस्यारी-हरकोट, मदकोट-दारमा, डोर-सैंणराथी, सेलामाली-विसना, नाचनी-भैंसकोट, आदिचौरा-सिन्नी, छिरकिला-जम्कू, बांसबगड़-कोटा-पंद्रहपाला, मसूरीकांठा-होकरा, डीडीहाट-हनेरा, देवीसोना-गराली, नाचनी-रायाबजेता, बनकोट-बुर्जखोली, मालाकोट-लोघ, तवााघट-थाणीधार, पिथौरागढ़-तवाघाट, तवााघाट-सोबला, तवाघाट-घट्टाबगड़, घट्टाबगड़-लिपुलेख सहित 22 सड़कें बंद चल रही हैं।
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12 घंटे बंद रही थल-मुनस्यारी सड़क
नाचनी (पिथौरागढ़)। क्षेत्र में सोमवार शाम से हो रही बारिश के चलते चार सड़कें बंद हो गई हैं। थल-मुनस्यारी सड़क हरड़िया के नया बस्ती में 12 घंटे बंद बंद रही। सड़क पर मंगलवार सुबह नौ बजे यातायात शुरू होने से लोगों ने राहत की सांस ली। नाचनी-बांसबगड़ रोड दुलियाबगड़ के पास बंद है। इस सड़क के बंद होने से जीआईसी बांसबगड़ जाने वाले विद्यार्थियों और अध्यापकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सड़क बंद होने से बांसबगड़ न्याय पंचायत के 12 ग्राम पंचायतों की 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित है। लोनिवि के अवर अभियंता कृष्णा पिपलिया ने बताया कि तेज बारिश से नया बस्ती में सड़क पर भारी मलबा आ गया है। डोजर मशीन से नौ बजे सड़क खोल दी गई थी। बांसबगड़ सड़क के अवर अभियंता यतीश बिष्ट ने बताया कि सड़क का एक हिस्सा खोखला हो गया है।
सड़क पर आवागमन खतरनाक बना हुआ है। मलबा और बोल्डर का गिरना जारी है। पोकलेन मशीन की व्यवस्था की जा रही है। इसी तरह मसूरीकांठा-होकरा 10 किमी सड़क तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। टैक्सी मालिक गोविंद सिंह मेहता ने बताया तीन गांव होकरा, गौला और खोयम की 10 टैक्सी होकरा में फंसी हैं। तीनों गांव की चार हजार की आबादी परेशान है। संवाद
मलबे में दबी बाइक, सवार ने भागकर बचाई जान
धारचूला (पिथौरागढ़)। टनकपुर-तवाघाट एनएच के जीरो प्वाइंट पर बोल्डर और मलबा आने से बाइक मलबे में दब गई। बाइक सवार ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
राहगीर नवीन जोशी ने बताया कि दोबाट और जीरो प्वाइंट पर सड़क बंद होने से कई वाहन और ग्रामीण फंसे हैं। सोमवार रात की बारिश से तवाघाट-लिपुलेख सड़क के पेलसती झरने के पास बोल्डर और मलबा आने से सड़क बंद हो गई। बता दें कि सोमवार की शाम को ही सड़क 10 दिनों के बाद खुली थी। कार्यदायी संस्था गर्ग एंड गर्ग कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर विक्रम टम्टा ने बताया कि सड़क खोलने का कार्य चल रहा है। बुधवार शाम तक सड़क खुलने की उम्मीद है। संवाद
फोटो 18 पीटीएच 23 पी- टनकपुर-तवाघाट सड़क पर मलबे में दबी बाइक।
खतरे के निशान के करीब पहुंची काली नदी
सीमांत क्षेत्र में हो रही भारी बारिश, अलर्ट रहने के निर्देश
पिथौरागढ़/धारचूला। सीमांत क्षेत्र में हो रही भारी बारिश के चलते काली नदी उफान पर है। प्रशासन ने नदी तट पर रहने वाले लोगों से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है। जिले के धारचूला और मुनस्यारी में भारी बारिश हो रही है। उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश से काली और गोरी नदी सहित अन्य सभी नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। काली नदी चार दिन पूर्व चेतावनी स्तर 889.30 मीटर पर बह रही थी वह आज 889.50 मीटर पर बह रही है। प्रशासन ने पूर्व में ही नदी तट पर रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। संवाद
इनसेट
कहां कितनी बारिश मिमी में
पिथौरागढ़ 7.4
गंगोलीहाट 6.5
बेड़ीनाग 16
डीडीहाट 29.5
मुनस्यारी 45.6
धारचूला 41
रामगंगा उफान पर तीनों घाट हुए बंद
थल(पिथौरागढ़)। सोमवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश और मंगलवार सुबह से रुक-रुक कर हो रही बारिश से रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। रात में नदी उफान पर थी। तेज बारिश के चलते रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से तीनों घाट जलमग्न हो गए हैं। पुराने बाजार के पास वाले घाट पर जलस्तर बढ़ने से वहां आए शवदाह करने वालों को घाट से नीचे किसी तरह मुश्किल से चिता लगानी पड़ी। बरसात के सीजन में स्थायी घाट की व्यवस्था नहीं होने और नदी के उफान पर आने से लोगों को शवदाह करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
इनसेट
दिनभर बारिश होने से बच्चों को हुई परेशानी
पिथौरागढ़। मौसम विभाग की ओर से जिस अवधि में तेज बारिश की चेतावनी जारी करते हुए विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया था उस अवधि में मौसम सामान्य रहा। अब मंगलवार को स्कूल खुलते ही मौसम ने पलटी मार दी। सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा। सुबह आठ बजे से जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न हिस्सों में काफी बारिश हुई। इस दौरान स्कूल जा रहे बच्चों को छाते का सहारा लेना पड़ा। छुट्टी के समय भी बारिश जारी रही। इस दौरान कई बच्चे भीगते हुए घर पहुंचे। संवाद