पिथौरागढ़। 14 साल की अनाथ रेनू पानू के टाइफाइड का इलाज पिथौरागढ़ से हल्द्वानी तक नहीं हो पाया। इस कारण रेनू ने दम तोड़ दिया।
वर्ष 2019 से कार्ड संस्था पिथौरागढ़ में रह रही थल क्षेत्र के मालाझूला गांव की रेनू पानू को चार नवंबर से बुखार की शिकायत थी जिसके बाद संस्था ने अपने संसाधनों से रेनू का इलाज कराया। 14 नवंबर को रेनू को फिर तेज बुखार आया तो संस्था ने उसे पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
यहां पता चला कि उसका टाइफाइड बिगड़ गया है। इस पर उसे 14 नवंबर की शाम जिला अस्पताल से एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया। 15 नवंबर की शाम एसटीएच में इलाज के दौरान रेनू पानू की मौत हो गई। रेनू पानू का शव पोस्टमार्टम के बाद पिथौरागढ़ लाया गया जहां बाल कल्याण समिति, कार्ड संस्था की देखरेख में उसका अंतिम संस्कार किया गया।
कुछ साल पहले हो चुकी थी माता-पिता की मौत
पिथौरागढ़। रेनू पानू तीन भाई-बहन थे। कुछ साल पहले उसके माता-पिता की मौत हो गई थी। उसके दो भाई रिश्तेदारों के घर रह रहे थे। संवाद
रेनू पानू की तबियत काफी खराब थी जिस कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया था। अस्पताल में मौजूद सारी सुविधाओं का लाभ रोगियों को दिया जा रहा है। रोगियों को कोई दिक्कत न हो इसका पूरा ध्यान रखा जा रहा है। -जेएस नबियाल, सीएमएस जिला अस्पताल पिथौरागढ़।
अनाथ रेनू पानू वर्ष 2019 से कार्ड संस्था के संरक्षण में रह रही थी जिसे 14 नवंबर को पिथौरागढ़ जिला अस्पताल से रेफर कर दिया था। रेनू पानू काफी अच्छी लड़की थी। वह काफी मिलनसार भी थी। उसकी मौत की खबर के बाद संस्था में शोक ही लहर है। -सुभाष पंगरिया, अध्यक्ष कार्ड संस्था पिथौरागढ़।