पिथौरागढ़। जिले में पशु चिकित्सा व्यवस्था भी बदहाल है। अंदाजा लगाया जा सकता है तेजम में पैरावेट के भरोसे पशुओं का टीकाकरण और उपचार चल रहा है। बगैर प्रशिक्षण के पैरावेट पर इसकी जिम्मेदारी थोपी गई है। खुद पैरावेट ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर इसका खुलासा किया है।
पैरावेट महेश सिंह राणा ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पत्र लिखकर विभाग की लापरवाही की पोल खोली है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए टीकाकरण किया जा रहा है। नियमों को ताक में रखकर उन्हें अस्पताल से वैक्सीन उपलब्ध करा दी गई। पशुओं का टीकाकरण करने का उन पर दबाव बनाया जा रहा है। पशु चिकित्सक की अनुपस्थिति में टीकाकरण करने पर पशुओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
फार्मासिस्ट ने बगैर अधिकार के उन्हें वैक्सीन आवंटित की है। उनसे पशुओं का बधियाकरण और उपचार भी कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जबरन दबाव बनाकर काम कराने से वह मानसिक रूप से परेशान हो चुके हैं। वहीं यह पशुओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से मामले पर उचित कार्रवाई की मांग की है। वहीं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लाल सिंह सामंत ने कहा कि मामले की जांच होगी। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। संवाद