वेतन विसंगति दूर किए जाने संबंधी शासनादेश जारी करने की मांग को लेकर कोषागार कर्मियों की हड़ताल सोमवार को 13 वें दिन भी जारी रही। हड़ताल के लंबा खिंचने से करोड़ों के भुगतान लटक गए हैं। सोमवार को कोषागार कर्मियों ने पूर्ववत धरना दिया तथा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने मांग पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया तथा देहरादून में निदेशालय कोषागार में शुरू क्रमिक अनशन में भागीदारी करने का ऐलान भी किया।
पिथौरागढ़ में धरनास्थल पर हुई सभा को उप कोषाधिकारी चंद्रशेखर भट्ट, करन सिंह सामंत, पीएस डीनिया, एमएल वर्मा, तारादत्त पंत, विक्रम सिंह रौतेला ने संबोधित करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय ने कोषागार कर्मियों को मार्च 2013 में सचिवालय के सहायक समीक्षा अधिकारी और समीक्षा अधिकारी के समान ग्रेड पे देने के लिए आदेश पारित कर दिया था, लेकिन शासन आदेश का पालन नहीं कर रही है। कहा कि जब तक उत्तराखंड शासन से संशोधित ग्रेड पे का शासनादेश जारी नहीं होता तब तक कोषागार कर्मी हड़ताल में रहेंगे। कोषागार संगठन के जिला मंत्री धर्म राम, उपाध्यक्ष कैलाश रजवार, अध्यक्ष महेश भट्ट, लक्ष्मण सिंह टोलिया, आरएस मेहता, कमलेश उपाध्याय, दीपक राय, गजे सिंह बोरा, मोहन चंद्र विशाल, भुवन चंद्र जोशी, मनोज पुनेठा, किरण, मोहम्मद इमरान, विनोद राज, ईश्वर राम बुद्धियाल, हरीश सामंत, दीपक वर्मा, भुवन उप्रेती, धन नाथ गोस्वामी, हरि हरि कृष्ण, दिनेश तिवारी, श्याम सिंह, रमेश, विनोद खड़ायत, मनोज पांडेय, चंदन वर्मा, प्रेम प्रकाश भट्ट, हरीश पंत आदि शामिल थे।