मदकोट (पिथौरागढ़)। मदकोट स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम (केएमवीएन) के पर्यटक आवास गृह (टीआरसी) का मलबा तीन साल बाद भी नहीं हटाया गया है। इस कारण पूरा परिसर वीरान पड़ा है। निगम को इससे हर साल लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है।
मुनस्यारी विकासखंड का मदकोट क्षेत्र भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। यहां पर दो प्राकृतिक गर्म जल कुंड हैं। इन कुंडों में नहाने के लिए अक्सर पर्यटक यहां आते रहते हैं। पर्यटकों की आवक को देखते हुए केएमवीएन ने मदकोट में टीआरसी बनाया था। वर्ष 2018 में आई भीषण आपदा में यहां मलबा आ गया था।
टीआरसी के प्रथम तल में चार फीट तक मलबा भरा पड़ा है। तीन साल बाद भी इस मलबे को नहीं हटाया गया है। पूरा टीआरसी मलबे से वीरान पड़ा है। टीआरसी मुनस्यारी के प्रबंधक एसडी भट्ट ने बताया कि मदकोट टीआरसी में आपदा से हुए नुकसान की सूचना उच्चाधिकारियों और तहसील प्रशासन को भी दी गई थी।
उन्होंने बताया कि परिसर और कक्षों में मलबा भरा होने के कारण टीआरसी रहने लायक नहीं है। इधर, जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी ने बताया कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटक आवास गृहों का सुव्यवस्थित होना आवश्यक है। मदकोट टीआरसी में भरे मलबे को हटाकर इसका सुधार करने के प्रयास किए जाएंगे।