पिथौरागढ़ में प्रदर्शन करते रोडवेज कर्मी
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डीजल की ज्यादा खपत पर वेतन से रिकवरी पर उत्तराखंड परिवहन कर्मी भड़क उठे हैं। उन्होंने डीजल की ज्यादा खपत का ठीकरा बसों की खराब फिटनेस पर फोड़ा है। साथ ही रिकवरी बंद न होने पर हड़ताल की चेेतावनी दी है।
बुधवार को उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन के बैनर तले एकजुट हुए परिवहन निगम कर्मियों ने आपात बैठक की। संगठन के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष कोमल मेहता ने कहा कि संविदा चालकों को बेहद कम वेतन मिल रहा है। वे बमुश्किल घर का खर्च चला रहे हैं। अब डीजल कटौती के नाम पर उनके वेतन से बिना बताए एकमुश्त कटौती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन बसों की फिटनेस पर ध्यान नहीं दे रहा। उल्टा अब चालकों का शोषण किया जा रहा है।
डिपो अध्यक्ष विनोद पांडेय ने कहा कि बारहमासी सड़क निर्माण के चलते मार्ग पर जगह-जगह जाम का सामना करना पड़ता है। इससे भी डीजल की खपत बढ़ रही है। इस दौरान कर्मियों ने दो घंटे सांकेतिक चक्काजाम कर नाराजगी जताई और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में पवन पांडेय, प्रकाश भट्ट, जगदीश भट्ट, रमेश मुरारी, सुखविंदर सिंह, मोहन सिंह, गोकुल सिंह, भूपेंद्र कापड़ी आदि थे।