रविवार को पिथौरागढ़ रोडवेज बस स्टेशन में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। कोरोना की दूसरी लहर के कारण रोडवेज परिवहन निगम को हर रोज पांच लाख रुपये का घाटा हो रहा है। देश में बढ़ते संक्रमण के बाद केंद्र की जारी नई एसओपी के बाद बसों में क्षमता के अनुसार 50 फीसदी यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति थी। तब से लेकर अब तक राडेवेज करीब 40 लाख से अधिक के नुकसान में चल रहा है।
रविवार को जारी पूर्ण कर्फ्यू के दौरान रोडवेज निगम को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। पूर्ण कर्फ्यू के कारण लोगों ने यात्रा नहीं की। बस स्टेशन में पूरी तरह सन्नाटा छाया रहा। रोडवेज की बसों को मुश्किल से 50फीसदी क्षमता के अनुसार दस फीसदी यात्री भी नहीं मिल पाए। रविवार को दो बसें देहरादून, एक-एक हरिद्वार, बरेली, मदकोट, मुनस्यारी और धारचूला को गई। जबकि सामान्य दिनों में रोडवेज 50 फीसदी क्षमता के अनुसार 20 बसों का संचालन करता है। पिछले वर्ष जारी लॉकडाउन के कारण रोडवेज पहले से ही नुकसान में चल रहा है। अब कोरोना की दूसरी लहर के कारण जारी नियमों से रोडवेज का घाटा दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। 17अप्रैल के बाद रोडवेज निगम हर रोज पांच लाख रुपये से अधिक के नुकसान में चल रहा है। रविवार को जारी पूर्ण कर्फ्यू के बाद रोडवेज का घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है।
लोगों को भी रोडवेज बसों का सहारा
पिथौरागढ़। जिले के अधिकांश लोग रोडवेज बसों के सहारे यात्रा करते हैं। पिछले वर्ष भी कोरोना के दौरान भी लोगों ने जारी नियमों के बाद रोडवेज की बसों में यात्री की। जबकि टैक्सी वाहन में उन्हें हजार, 1200,1600 और दो हजार तक किराया देना पड़ा था। जबकि रोडवेज की बसों किराये में कोई वृद्धि नहीं हुई थी।
कोरोना के जारी एसओपी के बाद रोडवेज परिवहन निगम रोज पांच लाख रुपये नुकसान में चल रहा है। रविवार को पूर्ण कर्फ्यू के कारण ये नुकसान दोगुना हो रहा है। पूर्ण कर्फ्यू के कारण छह बसों का संचालन ही हो सका। अन्य जगह के लिए यात्री नहीं मिले।
आरके आर्या, एआरएम