पिथौरागढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र में मौजूद स्कूली बच्चे। संवाद
पिथौरागढ़। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) गैना, ऐंचोली में कृषि विभाग में कार्यरत प्रसार कार्यकर्ताओं के लिए मोटे अनाजों का प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों ने मोटे अनाज के उत्पादन की वैज्ञानिक विधि बताकर इनकी उपज बढ़ाने का आह्वान किया। केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अलंकार सिंह ने प्रसार कार्यकर्ताओं को प्राकृतिक खेती का महत्त्व, प्राकृतिक खेती में प्रयुक्त होने वाले जीवामृत एवं दशपर्णी अर्क का महत्व बताया। मोटे अनाजों के उत्पादन की वैज्ञानिक विधियां भी बताईं। डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने सब्जी उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, डॉ. महेंद्र सिंह ने मौन पालन, फसलों में लगने वाले कीट, बीमारी प्रबंधन के लिए प्राकृतिक प्रबंधन, जैविक प्रबंधन, रासायनिक नियंत्रण की जानकारी दी। वहां केंद्र से डॉ. दिनेश कुमार चौरसिया, जीवन लाल, बबली, सुनीता, संदीप कुमार आदि रहे।
बच्चों ने जानीं कृषि विज्ञान के बारे में
पिथौरागढ़। विज्ञान ज्योति कार्यक्रम के तहत जवाहर नवोदय विद्यालयी छात्राओं को कृषि विज्ञान केंद्र गैना का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। प्रबंधक डाॅ. डीके चौरसिया ने बच्चों को केंद्र की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को कृषि विषय को चुनकर भविष्य में इसके जरिये रोजगार अर्जित करने के बारे में बताया। प्रधानाचार्य प्रदीप मिश्रा ने बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत विद्यालय दसवीं और इंटर के 50 बच्चों को 50 हजार की छात्रवृत्ति और 12 हजार रुपये मूल्य की मेडिकल और इंजीनियरिंग की कोचिंग की पुस्तकें भी दी जा रही हैं। कार्यक्रम में समन्वयक हरेंद्र ढैला, डाॅ. जीवन लाल, दीपा खाती, शैली पाठक, दीपा बिष्ट आदि थे।