पिथौरागढ़-धारचूला एनएच पर मलबा और पेड़ गिरने से फंसे वाहन। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़-धारचूला नेशनल हाईवे (एनएच) पर पलेटा के पास मलबा आने से लगभग आधे घंटे तक यातायात ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। एक एंबुलेंस भी जाम में फंसी रही। यात्रियों ने मलबा, पत्थर और पेड़ स्वयं हटाकर यातायात सुचारु किया। उधर बारिश से धारचूला के एलधारा से नाले के साथ मलबा फिर मल्ली बाजार तक पहुंच गया।
पलेटा के पास पनखोली गांव के ऊपर रविवार को दिन में पहाड़ी से मलबा, पत्थर और पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। सड़क खोलने के लिए कोई पहल नहीं होने पर यात्रियों ने खुद ही मलबा, पत्थर और बांज के पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारु किया।
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इधर धारचूला के टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग के आपदाग्रस्त एलधारा का मलबा धारचूला नगर के मल्ली बाजार और खड़ी गली के लिए मुसीबतों का सबब बना हुआ है। शनिवार को हुई बारिश से मल्ली बाजार एवं खड़ी गली में बारिश का पानी और मलबा घुस गया। इससे लोगों को दिक्कतें हुई। शनिवार रात तहसीलदार डीके लोहनी, पटवारी सदर चंद्री चंद और कोतवाल कुंवर सिंह रावत मौके पर पहुंचे। भूरे सिंह के नेतृत्व में नगर पालिका के कर्मियों ने देर रात एक बजे तक खड़ी गली और मल्ली बाजार में रेस्क्यू अभियान चलाकर बंद नालों को खोलने का कार्य किया।
पालिकाध्यक्ष राजेश्वरी देवी ने बताया कि बारिश होने पर एलधारा क्षेत्र से भूस्खलन जारी रहने से नालियां बार-बार बंद हो जा रही हैं जिन्हें खोलने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं थल-मुनस्यारी सड़क नाचनी के नया बस्ती में बार-बार बंद हो रही है। हरड़िया में लगातार मलबे के जमा होने से नए पुल को भी खतरा बना हुआ है। सड़क के बदहाल होने से मुनस्यारी के लिए बड़े वाहनों का संचालन नहीं हो पा रहा है।