थल-मुनस्यारी रोड पर रातीगाड़ में मलबा हटाती जेसीबी
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जिले में बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से कई सड़कों पर फिर से मलबा पट गया। थल-मुनस्यारी सड़क बृहस्पतिवार रात 10 बजे से शुक्रवार सुबह नौ बजे तक बंद रही। इस सड़क पर रातीगाड़ में करीब 100 मीटर का हिस्सा भूस्खलन की चपेट में आ गया है। दिन के समय मलबा हटाया जा रहा है और रात में फिर से मलबा पट रहा है। फिलहाल इतना तो तय है कि सुबह आने वाले वाहनों को इस सड़क के खुलने तक कम से कम तीन से चार घंटे तक इंतजार करना पड़ेगा। लोनिवि के अवर अभियंता योगेंद्र चौबे मजदूरों की टीम के साथ मौके पर तैनात हैं। उन्होंने कहा कि बारिश थमने तक सड़क की स्थायी रूप से मरम्मत संभव नहीं है।
उधर, आपदाग्रस्त मांगती में तवाघाट-गर्बाधार सड़क का एक हिस्सा फिर से टूट गया है। इस कारण वाहनों का आवागमन ठप है। नतीजतन गर्बाधार, तांकुल जाने वालों को भारी परेशानी हो रही है। सामाजिक कार्यकर्ता गुमान सिंह बिष्ट ने कहा कि सीमा सड़क संगठन सड़क खोलने में तेजी से काम नहीं कर रहा है। जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पिथौरागढ़-तवाघाट एनएच पर अस्कोट के पास चर्मा में मलबा आने से शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक वाहनों की आवाजाही बंद रही।
यह सड़क सुबह पांच बजे से बंद थी। जौलजीबी-मुनस्यारी मार्ग पर घिंघरानी के पास मलबा आने से शुक्रवार सुबह करीब दो घंटे तक वाहनों का संचालन बंद रहा। इधर, जिले की अन्य प्रमुख सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चला हुआ है। जिला मुख्यालय से मैदान को जोड़ने वाली सभी सड़कें सामान्य रूप से खुली हैं।
जिला मुख्यालय में 16 एमएम बारिश
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय में शुक्रवार सुबह नौ बजे तक रिमझिम बारिश का क्रम जारी रहा। पिछले 24 घंटे में यहां 16 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मुनस्यारी में 26 मिलीमीटर और धारचूला में 20 मिलीमीटर बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिनों तक बारिश का क्रम जारी रहेगा। अब उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने लगी है।