व्यापार संघ ने सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए इनरलाइन को छियालेख से हटाकर जौलजीबी लाने की मांग को लेकर संघर्ष का मन बना लिया है। इस मुद्दे पर व्यापारी बेमियादी बंद, चक्काजाम जैसे कदम भी उठा सकते हैं।
व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि छियालेख इनरलाइन का कोई अर्थ नहीं रह गया है। यदि जौलजीबी में इनरलाइन होती तो धारचूला में बाहरी लोगों की आवाजाही पर प्रतिबंध लग जाता। अब तक छियालेख तक संदिग्ध लोग पहुंचने लगे हैं।
व्यापारियों ने नगरपालिका की ओर से लगाए गए लाइसेंस टैक्स का विरोध करते हुए कहा कि व्यापारी इस समय मंदी की मार झेल रहे हैं। ऐसे में ज्यादा लाइसेंस टैक्स लगाकर नया संकट खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 की भीषण आपदा के बाद व्यापारी पूरा एक वर्ष तक लगातार घाटे में रहे।
किसी तरह लोन लेकर अपना प्रतिष्ठान बचाकर व्यापारी रोजीरोटी चला रहे हैं। ऐसे में बड़ी हुए दरों का व्यापारी विरोध करेंगे। बैंठक में तय हुआ कि इनरलाइन को अब जौलजीबी लाने के लिए सरकार पर पूरा दबाव बनाया जाएगा। सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अब सख्त कदम उठाए जाएंगे।
बैठक में मांग की गई कि क्षेत्र में जिन निजी संचार कंपनियों ने मोबाइल टावर लगाए हैं उनका जल्दी संचालन किया जाए। ताकि लोगों को संचार संबंधी दिक्कतों से मुक्ति मिल सके।
बैठक में भीम सिंह रावत, प्रद्युम्न गर्ब्याल, ओपी वर्मा, राजीव कोहली, राजीव खर्कवाल, प्रकाश गुंज्याल, नवीन खर्कवाल, अब्दुल कलाम, राजीव डोगरा, राजेश कुटिाल, शेलेन्द्र गर्ब्याल सहित कई लोग उपस्थित थे।