वड्डा कस्बे में झाड़ू लगाता व्यापारी
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वड्डा के व्यापारी तीन माह से कस्बे में खुद झाड़ू लगाने को मजबूर हैं। दरअसल व्यापारियों की ओर से तैनात स्वच्छक के नहीं आने से यह नौबत आई है। इन व्यापारियों का कहना है कि वह जिला पंचायत को टैक्स के रूप में मोटी रकम देते हैं, लेकिन उन्हें उसके बदले कोई सुविधाएं नहीं दी जा रही है। इससे परेशान होकर इन व्यापारियों ने अब जिला पंचायत को टैक्स नहीं देने का ऐलान किया है।
जिला मुख्यालय से आठ किमी दूर वड्डा में करीब दो सौ दुकानें हैं। व्यापार संघ के प्रदेश महामंत्री विपिन पांडेय ने बताया कि जिला पंचायत हर साल इन दुकानों से तीन सौ से एक हजार रुपये तक टैक्स वसूलती है। उनका कहना है कि दस वर्ष पहले जिला पंचायत और व्यापारियों के बीच हुई बैठक में कुल जमा होने वाले टैक्स की 75 फीसदी रकम कस्बे में सुविधा जुटाने पर सहमति बनी थी, लेकिन अब तक इस पर अमल नहीं हो सका है।
इसके बाद यहां के व्यापारियों ने खुद के खर्चे पर एक स्वच्छक की तैनाती की, लेकिन तीन माह से स्वच्छक भी किसी वजह से काम पर नहीं आ पा रहा है। इसके बाद व्यापारी अब खुद झाड़ू उठा कर रोज कस्बे की सफाई करने को मजबूर हैं। व्यापार संघ अध्यक्ष कमलेश खड़ायत, नरेश रावत, चंद्र बहादुर चंद, संदीप गिरी, डब्बू खर्कवाल समेत कई व्यापारियों ने अब किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिलने तक जिला पंचायत को टैक्स नहीं देने का ऐलान किया है।